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Ground Report: गडकरी के प्रचार में पूरा परिवार शामिल, विकास से सीधा मुकाबला; नागपुर सीट पर कुल 26 प्रत्याशी

Mon, 15 Apr 2024 05:02 AM IST
यशोधन शर्मा सुरेन्द्र मिश्र, अमर उजाला

सार

विकास ठाकरे नागपुर पश्चिम से विधायक हैं। यहां से चार बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार के कट्टर समर्थक हैं। गडकरी ने मुत्तेमवार को 2014 में करारी शिकस्त देकर यहां भगवा लहराया था। वहीं, मुत्तेमवार इस बार विकास ठाकरे के चुनावी रणनीतिकार हैं।
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नितिन गडकरी और विकास ठाकरे - फोटो : ANI/x@VikasThakreINC
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विस्तार
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संतरों का शहर नागपुर महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी और देश का केंद्र बिंदु है। यहां से केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार नितिन गडकरी हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रहे हैं। गडकरी अपने काम पर गर्व करते हैं, कहते रहे हैं कि वोट की भीख नहीं मांगूंगा। हालांकि, इस बार उन्हें चिलचिलाती धूप और बारिश के बीच न केवल जमीन पर उतरना पड़ा है, बल्कि पत्नी, बेटे और बहू को भी प्रचार में उतारने के लिए विवश होना पड़ा है। वहीं, कांग्रेस ने विकास ठाकरे को चुनाव मैदान में उतारकर एक रोचक मुकाबले का मंच तैयार किया है। हालांकि, समीकरण कुछ ऐसे हैं, जिससे इस बार भी कांग्रेस के लिए नागपुर के संतरे खट्टे साबित हो सकते हैं।

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विकास ठाकरे नागपुर पश्चिम से विधायक हैं। यहां से चार बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार के कट्टर समर्थक हैं। गडकरी ने मुत्तेमवार को 2014 में करारी शिकस्त देकर यहां भगवा लहराया था। वहीं, मुत्तेमवार इस बार विकास ठाकरे के चुनावी रणनीतिकार हैं।

नागपुर: पिछले दो चुनावों के हाल

2019
उम्मीदवार                                 दल                   मत                  मत%
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नितिन गडकरी                          भाजपा              6.6 लाख           55.6
नाना पटोले                               कांग्रेस              4.4 लाख          37.42

2014

उम्मीदवार                                   दल                   मत                  मत%
नितिन गडकरी                            भाजपा              5.9 लाख           54.1
विलास मुत्तेमवार                          कांग्रेस               3.0 लाख          27.9

एक लाख करोड़ से बदली तस्वीर
नागपुर में राजमार्गों, एक्सप्रेव-वे सहित एम्स, आईआईटी, आईआईएम, महाराष्ट्र नेशनल यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं खुली हैं। गडकरी इसे अपनी उपलब्धियां बताते हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वह अपनी हर नुक्कड़ सभाओं में जोर देकर कहते हैं कि बीते 10 साल में एक लाख करोड़ रुपये नागपुर के विकास में खर्च हुए हैं, जिससे शहर का कायाकल्प हुआ है। गडकरी राजनीति को सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए काम करने का साधन मानते हैं।

सड़कों और पुलों का मतलब प्रगति नहीं : कांग्रेस के विकास ठाकरे अपने प्रचार अभियान में कहते हैं कि कंक्रीट की सड़कों और पुलों का मतलब प्रगति नहीं है। इससे समृद्ध वर्ग को लाभ पहुंचता है, जबकि नागपुर में पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। विकास महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी पर भाजपा को घेर रहे हैं, लेकिन गडकरी अपने प्रतिद्वंद्वी पर हमला करने के बजाय पिछले 10 वर्ष के काम और भविष्य की योजनाओं का खाका सामने रख रहे हैं।

पहले कांग्रेस बनाम अन्य था, अब भाजपा बनाम अन्य की लड़ाई
नागपुर में 1925 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय है। फिर भी 2014 तक यहां कांग्रेस का वर्चस्व रहा। 1996 में बतौर भाजपा प्रत्याशी बनवारी लाल पुरोहित ने पहली बार चुनाव जीता, लेकिन जीत का जश्न ज्यादा दिन नहीं चला। 1998 में विलास मुत्तेमवार ने यह सीट छीन ली। इस बीच भाजपा ने बड़े ही तरीके से कांग्रेस के इस गढ़ को भेदा और 2014 के बाद संतरा नगरी भाजपा बनाम अन्य का चुनाव क्षेत्र बन गया। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कांग्रेस-शिवसेना और एनसीपी की महा विकास आघाड़ी के सत्ता में आने पर स्थानीय निकाय और विधान परिषद चुनाव में भाजपा को झटके लगे, लेकिन भाजपा का दावा है कि बूथस्तर की चुनाव मशीनरी को सक्रिय कर पार्टी ने विजय यात्रा जारी रखने का आधार तैयार कर लिया है।

गडकरी की छवि के सामने ध्वस्त हुआ जातीय समीकरण
नागपुर ओबीसी और दलित बहुल सीट है, लेकिन नितिन गडकरी की छवि के सामने जातीय समीकरण ध्वस्त हो गए हैं। आरएसएस मुख्यालय महल क्षेत्र के दीपक झाड़े कहते हैं कि दलित हो या ओबीसी हर वर्ग के लोग गडकरी को चाहते हैं। दत्तात्रेय नगर के पास भांडे प्लाट चौक के निवासी आर्यभूषण तिवारी कहते हैं कि यहां गडकरी की छवि के साथ ही मोदी मैजिक भी है। पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नाना पटोले ने गडकरी को कड़ी टक्कर दी थी, उनके मुकाबले नागपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास ठाकरे उतने मजबूत प्रत्याशी नहीं हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा के योगेश पतिराम सहित कुल 26 प्रत्याशी मैदान में हैं।

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