पार्टियों तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि 18 विधानसभा वाले इस संसदीय सीट में दक्षिण कश्मीर की 11 और राजोरी-पुंछ की सात विधानसभा सीटें आती हैं। वोटर के लिहाज से भी राजोरी-पुंछ में सात लाख से अधिक तो दक्षिण कश्मीर की अनंतनाग, कुलगाम व शोपियां में लगभग 11 लाख वोटर हैं। बार-बार मुगल रोड बंद होने की वजह से कार्यकर्ताओं तथा पार्टी नेताओं को कश्मीर और जम्मू संभाग के राजोरी-पुंछ में आने-जाने में परेशानी होगी। नामांकन अनंतनाग में होना है। ऐसे में राजोरी-पुंछ के कार्यकर्ताओं को जम्मू के रास्ते अनंतनाग पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन दिक्कतों की वजह से चुनाव प्रचार में कार्यकर्ताओं तथा पार्टी नेताओं का रुझान कम होगा। प्रत्याशी भी आम लोगों तक नहीं पहुंच पाएंगे।
पार्टियों का कहना है कि नामांकन शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे एक-एक दिन बीतता जा रहा है। ऐसे में उनके लिए प्रचार के वास्ते दिन कम होते जा रहे हैं। समय कम मिलने से गांव-गांव तक प्रत्येक वोटर तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि, चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों का दावा है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रत्याशियों ने फार्म भी भरने शुरू कर दिए हैं।
राजनीतिक पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को चुनाव की तिथि बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि, अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। दरअसल लोकतंत्र के पर्व में प्रत्याशियों को आने वाली परेशानी के मद्देनजर यह आवाज उठाई गई है।
- अल्ताफ बुखारी, अध्यक्ष-जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी