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LS Polls: चुनावी चक्रव्यूह की आखिरी लड़ाई में 57 सीटों पर वोटिंग; जानें 2019 में किसे मिली थीं कितनी सीट

सार

आखिरी चरण के लिए सात राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश की 57 सीटों के लिए 904 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट से लेकर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है।
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लोकसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव का चक्रव्यूह अब सातवें और अंतिम दौर में पहुंच चुका है। अब तक 486 सीटों पर मतदान खत्म हो चुका है। सातवें चरण की 57 सीटों पर शनिवार को वोटिंग खत्म होने के साथ ही सभी 543 सीटों के नतीजे ईवीएम में कैद हो जाएंगे। सातवें चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उनमें 2019 में एनडीए ने 32 सीटें जीती थीं। इनमें से 25 सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था।  कांग्रेस को सिर्फ 8 सीटें मिली थीं। तृणमूल कांग्रेस को 9 सीट, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को 3 सीट, अपना दल (एस) को 2, बसपा को 2, बीजद को 4, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को 2 और आम आदमी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा को 1-1 सीट मिली थी।

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आखिरी चरण के लिए सात राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश की 57 सीटों के लिए 904 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट से लेकर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के सियासी भाग्य का फैसला इसी चरण में होगा। हिमाचल प्रदेश के मंडी का महायुद्ध भी देखने को मिलेगा, जहां से अभिनेत्री कंगना रणौत भाजपा की तरफ से अपनी सियासी पारी शुरू कर रही हैं।



11 सीटें ऐसी, जहां लगातार दूसरी बार कोई पार्टी नहीं जीती
सातवें चरण की 11 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले तीन चुनाव में कोई पार्टी सीट नहीं बचा पाई। इसमें उत्तर प्रदेश की गाजीपुर, घोसी, रॉबर्ट्सगंज और मिर्जापुर शामिल है। पंजाब में आनंदपुर साहिब, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला भी ऐसी ही सीट है। इनके अलावा ओडिशा में बालासोर, बिहार की जहानाबाद और काराकाट सीट भी है। 2019 में इनमें 2 सीटें भाजपा, 2 सीटें अपना दल (एस), दो सीटें बसपा, जबकि 4 सीटें कांग्रेस ने जीती थी। एक सीट जदयू को मिली थी।
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नरेंद्र मोदी, अनुराग ठाकुर, चन्नी व हरसिमरत समेत कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

  • नरेंद्र मोदी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी सीट से जीत की हैट्रिक लगाने उतरे हैं। पीएम मोदी यहां से 2014 और 2019 में विजयी हुए थे। उनका मुकाबला कांग्रेस के अजय राय से है, जो पिछले चुनाव में भी वाराणसी से हारे थे।
  • अनुराग ठाकुर : केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता अनुराग ठाकुर हिमाचल की हमीरपुर सीट से मैदान में हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस के सतपाल सिंह रायजादा लड़ रहे हैं। अनुराग 2008 के उपचुनाव, फिर 2009, 2014 व 2019 में यहां से जीते।
  • मीसा भारती : लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती बिहार की पाटलिपुत्र सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला भाजपा के रामकृपाल यादव से है, जो हैट्रिक लगाने की कोशिश में हैं। लालू के करीबी रहे रामकृपाल ने 2014 और 2019 के चुनाव में मीसा को हराया था।
  • चरनजीत सिंह चन्नी : पंजाब के पूर्व  मुख्यमंत्री चन्नी को कांग्रेस ने जालंधर लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के पवन कुमार टिनू और शिरोमणि अकाली दल के मोहिंदर सिंह केपी से है।
  • पवन सिंह : भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह बिहार की काराकाट सीट से मैदान में निर्दलीय उतरे हैं। भाजपा ने उन्हें प. बंगाल की आसनसोल से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
  • कंगना रणौत: अभिनेत्री कंगना रणौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह से है, जो राज्य के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के पुत्र हैं। वह राजपरिवार से
  • आते हैं। मंडी  से उनकी विक्रमादित्य की मां प्रतिभा देवी सिंह सांसद हैं।
  • अभिषेक बनर्जी : प. बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी डायमंड हॉर्बर सीट से मैदान में हैं। यहां त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा ने अभिजीत दास और माकपा ने प्रतीकुर रहमान को प्रत्याशी बनाया है।
  • हरसिमरत कौर बादल : शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर पंजाब की बठिंडा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, आप ने गुरमीत सिंह और भाजपा ने परमपाल कौर सिद्धू को उतारा है।
  • रविशंकर प्रसाद: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता पटना साहिब से लड़ रहे हैं। मौजूदा सांसद के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री जगजीवन राम के नाती और पूर्व स्पीकर मीरा कुमार के पुत्र अंशुल अभिजीत कुशवाहा मैदान में है
  • मनीष तिवारी : पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता मनीष तिवारी चंडीगढ़ से लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के संजय टंडन से है। 2019 में यहां भाजपा जीती थी।

कड़ी परीक्षा से गुजर रही भाजपा
इस चरण में भाजपा के लिए राह आसान नहीं है। 2019 के मुकाबले पंजाब से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण बदल गए हैं। 27 साल से पंजाब में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाला अकाली दल इस बार अलग होकर चुनौती पेश कर रहा है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा इंडिया गठबंधन के तहत साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वहीं, बिहार में कांग्रेस और लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में गठबंधन हुआ है और कुछ छोटे दल भी साथ हैं। ऐसे में भाजपा को कड़ी परीक्षा देनी होगी।

कांग्रेस व आप से मिल रही टक्कर
भाजपा को पंजाब में चतुष्कोणीय लड़ाई का फायदा हो सकता है, क्योंकि अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ही अलग-अलग लड़ रहे हैं। पंजाब की सत्ता में आम आदमी पार्टी है, जिसके चलते उसे इस बार अपनी सीटें बढ़ने की उम्मीद दिख रही है। इसी तरह, हिमाचल की सत्ता में भी इस बार कांग्रेस काबिज है, जिसके चलते भाजपा के लिए क्लीन स्वीप करना आसान नहीं है। वहीं, बिहार में जदयू और लोजपा फिर भाजपा के साथ आ गए हैं। प. बंगाल और ओडिशा में ममता बनर्जी और नवीन पटनायक ने अपनी सीटें बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।

किन राज्यों में कितनी सीटों पर मतदान

प्रदेश सीट  उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश 13 144
पंजाब 13 328
पश्चिम बंगाल 9   124
बिहार 8 134
ओडिशा 6 66
झारखंड 3 52
हिमाचल प्रदेश 4  37
चंडीगढ़ 1 19
कुल 57 904


 
2019 में इन 57 सीटों पर कैसे थे नतीजे

पार्टी सीटें
भाजपा 25
कांग्रेस 08
टीएमसी 09
जदयू 03
बीजद 04
अपना दल (एस) 02
बसपा   02
शिअद 02
आप   01
झामुमो 01

 

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