पिछले दो लोकसभा चुनावों में पार्टी को मतदाताओं का साथ नहीं मिला, जबकि विधानसभा में इन्हीं लोगों ने पार्टी के पक्ष में रिकॉर्ड मतदान किया। ऐसे में यदि केजरीवाल के सलाखों के पीछे की तस्वीर अपना असर छोड़ती है तो आप को दिल्ली के आधे से ज्यादा वोट मिल जाएंगे। यह दिल्ली के सभी सातों लोकसभा सीटों पर जीत का कारण बन सकते हैं। हालांकि, रैली के मुख्य पोडियम पर भी केजरीवाल की तस्वीर लगाई थी, लेकिन कुछ देर बार ही कुछ नेताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। इससे आप नेताओं ने तस्वीर को हटवा दिया। यह तस्वीर भी जेल की सलाखों के साथ थी।
इधर, आप से अलग हुए पुराने नेता केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर से पार्टी के पक्ष में आने लगे हैं। कांग्रेस के वे नेता जो पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे, उन्होंने भी रैली में केजरीवाल की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई।
बूथ स्तर पर तेज होगा अभियान
मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी बूथ स्तर पर अभियान चलाएगी। इसे लेकर पार्टी में नीति तैयार हो गई है। रामलीला मैदान में सभी दलों के नेताओं ने भी केंद्र सरकार का विरोध केजरीवाल की गिरफ्तारी से ही किया।