पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू व डॉ. राममनोहर लोहिया।
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संगमनगरी के मतदाताओं ने सियासी समर के कई महारथियों के रथ को संसद पहुंचने से रोक दिया। प्रयागराज की अलग-अलग सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले पूर्व प्रधानमंत्री विश्ववनाथ प्रताप सिंह, डॉ.राम मनोहर लोहिया, डॉ.मुरली मनोहर जोशी, कांशीराम, पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा, जनेश्वर मिश्र समेत कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इनमें से कई नेता अलग-अलग चुनाव में जीतकर संसद पहुंचे।
1962 के लोकसभा चुनाव में फूलपुर सीट से डॉ.राम मनोहर लोहिया देश के पहले प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ मैदान में थे, लेकिन उन्हें हार मिली। खास बात रही कि पं.नेहरू को कुल पड़े मतों के 61.62 फीसदी वोट मिले थे। वहीं, डॉ.लोहिया को मात्र 28 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद 1967 के चुनाव में फूलपुर सीट पर ही पं.नेहरू की बहन विजयालक्ष्मी पंडित ने समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र को मात दी थी। हालांकि, जनेश्वर मिश्र फूलपुर के अलावा इलाहाबाद सीट से भी सांसद रहे।