नई दिल्ली पहले भी चर्चित सीट रही है। प्रधानमंत्री व किसी भी प्रदेश से महिला मुख्यमंत्री बनने वाली सुचेता कृपलानी यहां से सांसद बनी थीं। इस सीट से जीतकर सांसद कैबिनेट का हिस्सा भी बनते हैं।
नई दिल्ली लोकसभा संसदीय सीट फिर चर्चा में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को भाजपा व दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को आम आदमी पार्टी (आप) ने उम्मीदवार बनाया है। नई दिल्ली पहले भी चर्चित सीट रही है। प्रधानमंत्री व किसी भी प्रदेश से महिला मुख्यमंत्री बनने वाली सुचेता कृपलानी यहां से सांसद बनी थीं। इस सीट से जीतकर सांसद कैबिनेट का हिस्सा भी बनते हैं।
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नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के सांसद केंद्र में भूमिका निभाते रहे हैं। पहली व दूसरी लोकसभा चुनाव में सांसद रहीं सुचेता कृपलानी बाद में यूपी की मुख्यमंत्री बनीं। इसी तरह अटल बिहारी बाजपेयी 1777 और 1980 में यहां से सांसद रहे। एनडीए का नेतृत्व करने के साथ वे देश के प्रधानमंत्री बने। इसी तरह 9वीं और 10वीं लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ने भी मोहिनी गिरी और फिल्म अभिनेता राजेश खन्ना को हराया है। वे देश के केंद्रीय सूचना प्रसार मंत्री, गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री तक बने। जनसंघ से बलराज मधोक भी इसी सीट से सांसद रहे हैं। यहां से जीतने वाले नेताओं की केंद्रीय मंत्री बनने की फेहरिस्त भी लंबी है।
कृष्ण चंद पंत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कैबिनेट में रक्षा मंत्री बने। बाद में योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी चुने गए। तीन बार लोकसभा चुनाव जीते जगमोहन आरके धवन व राजेश खन्ना को शिकस्त देकर केंद्र में शहरी विकास विकास मंत्री रहे। अजय माकन और मीनाक्षी लेखी भी केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं।
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चुनावी इतिहास
साल सांसद पार्टी
1952 सुचेता कृपलानी किसान मजदूर प्रजा पार्टी
1957 सुचेता कृपलानी कांग्रेस
1962 एमसी खन्ना कांग्रेस
1967 एमएल सोढ़ी जनसंघ
1871 मुकुल बनर्जी कांग्रेस
1977 अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय लोकदल (जनसंघ)
1980 अटल बिहारी वाजपेयी जनता नेशनल पार्टी (जेएनपी)