गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर नोएडा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सबसे अधिक शिक्षित हैं, लेकिन हर चुनाव में मतदान करने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इस बार प्रशासन ने भी नोएडा को अव्वल लाने की कमान संभाली है। मतदाता सूची को ठीक करने के साथ-साथ सोसाइटियों में बूथ बनाए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान कर सकें। मतदाता पर्ची में बूथ की जानकारी होगी। सभी बीएलओ को एक-एक मतदाता तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नोएडा क्षेत्र में 53.46 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि लोकसभा सीट के चार अन्य विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। यही स्थिति वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में रही। नोएडा क्षेत्र में 52.35 प्रतिशत मतदान हुआ। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया था। अफसरों ने बताया कि नोएडा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को ठीक कराया गया है। पिछली बार कई परिवार के सदस्यों के अलग-अलग बूथ थे, लेकिन अब इसमें सुधार किया गया है।
हर परिवार का एक ही बूथ होगा। बूथ दूर होने से मतदाता घरों से बाहर निकलने से बचते थे, लेकिन इस बार 34 सोसाइटियों में 52 बूथ बनाए गए हैं, ताकि मतदान प्रतिशत बढ़ सके। स्कूलों में बच्चों से अभिभावकों को मतदान करने की अपील करने को कहा जा रहा है। बच्चों की बात को अभिभावक नहीं टालेंगे। कॉलेज, बैंक और उद्योगों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। बीएलओ हर मतदाता के संपर्क में रहेगा।
पिछले दो लोकसभा चुनाव में कहां-कितना मतदान
विधानसभा क्षेत्र वर्ष 2019 वर्ष 2014
नोएडा 52.35% 53.46%
दादरी 60.85% 60.88%
जेवर 65.04% 61.83%
खुर्जा 64.73% 64.48%
सिकंद्राबाद 65.93% 64.10%
नो योर कैंडिडेट से देख सकेंगे प्रत्याशी की कुंडली
चुनाव आयोग ने इस बार नो योर कैंडिडेट ऐप की सुविधा भी दी है। जिले के मतदाता मोबाइल में इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इससे कोई भी मतदाता किसी भी प्रत्याशी की कुंडली जान सकेगा। नामांकन करने के बाद प्रत्याशी का शपथ पत्र ऐप पर अपलोड कर दिया जाएगा। शपथ पत्र में प्रत्याशी की निजी जानकारी से लेकर चल-अचल संपत्ति व आपराधिक रिकॉर्ड आदि की जानकारी होगी।
फोटो या वीडियो के साथ कर सकते हैं शिकायत
आयोग ने 21 ऐप जारी किए हैं। इनमें कुछ अफसर तो कुछ मतदाताओं से जुड़े हैं। वोटर हेल्पलाइन ऐप से मतदाता अपना नाम सूची में देख सकेंगे। ई-एपिक से वोटर कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, सी-विजिल एप से जिले के लोग आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दे सकते हैं। एप पर आचार संहिता के उल्लंघन का फोटो या वीडियो अपलोड किया जा सकता है। इस पर प्रशासन की टीम तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी।