पहले चरण के मतदान वाले तीन संसदीय क्षेत्रों में कुल 5,400 बूथ हैं। वर्तमान में केंद्रीय बलों की कुल 37 कंपनियां वहां तैनात हैं। नियमों के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए 16 से 18 कंपनियों की आवश्यकता होती है।
पश्चिम बंगाल में 14 अप्रैल को मनाए जाने वाले बंगाली नव वर्ष से पहले ही केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियां आगमन करने वाली हैं। उत्तर बंगाल की कूच बिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी लोकसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान होना है। यहां चुनाव आयोग 19 अप्रैल को इन बलों को हर बूथ पर तैनात करने की योजना बना रहा है। हालांकि, केंद्रीय बलों की सटीक संख्या प्रदान नहीं की गई है।
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आधिकारिक सूचना के अनुसार पहले चरण के मतदान वाले तीन संसदीय क्षेत्रों में कुल 5,400 बूथ हैं। वर्तमान में केंद्रीय बलों की कुल 37 कंपनियां वहां तैनात हैं। नियमों के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए 16 से 18 कंपनियों की आवश्यकता होती है, जबकि एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए 112 से 126 कंपनियों की जरूरत रहती है।
अर्धसैनिक बलों की 336 से 378 कंपनियों को तैनात करना आवश्यक
अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में तीन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के दिन सभी बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 336 से 378 कंपनियों को तैनात करना आवश्यक है। फिलहाल, बंगाल में इन बलों की 177 कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि सभी बूथों पर कम से कम 200 और तैनात करने की जरूरत है।
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इसके अतिरिक्त, ईसीआई ने मंगलवार को आईपीएस अधिकारी सौम्या रॉय को कोलकाता पुलिस के दक्षिण पश्चिम डिवीजन (बेहाला) से तत्काल प्रभाव से एक गैर-चुनाव-संबंधी पद पर स्थानांतरित कर दिया।
19 अप्रैल से सात चरणों में होगा मतदान
गौरतलब है कि 16 मार्च को चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए कार्यक्रमों की घोषणा की थी। 19 अप्रैल से 1 जून के बीच देश में सात चरण में चुनाव होने हैं। देश के चुनावी इतिहास का यह दूसरा सबसे लंबा चुनाव है। 19 अप्रैल से शुरू हो रही मतदान की प्रक्रिया 1 जून तक चलेगी। इस तरह से मतदान कराने में कुल 44 दिन का समय लगेगा।