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Ground Report: प्रधान भाजपा तो प्रणव बीजद से मैदान में, संबलपुर में पटनायक के करीबी ने बढ़ाई सियासी गर्मी

अनूप वाजपेयी Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 22 May 2024 04:58 AM IST

सार

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के बाद बीजद में नंबर दो के रूप में देखे जा रहे वीके पांडियन के संबलपुर में पहुंचने के बाद राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। पांडियन के ब्यूरोक्रेटिक अंदाज को लेकर राज्य के भाजपा नेता सबसे ज्यादा आक्रामक हैं और उड़िया अस्मिता का सवाल उठाकर कहीं न कहीं उन्हीं पर निशाना साध रहे हैं।
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अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

दरअसल, बीजद ने प्रधान को घेरने के लिए ही राज्य में तीसरे नंबर के कहे जाने वाले प्रणव को उतारा है। उनके लिए संबलपुर लोकसभा सीट नई है, लेकिन उन्हें रणनीति के तहत उतारा गया है। इस सीट पर बीते तीन लोकसभा चुनाव के नतीजे देखें तो हर बार बदलाव रहा है। 2019 में इस सीट पर भाजपा के नितेश गंगा देब ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2014 में यह सीट बीजद के पास थी और नागेंद्र प्रधान यहां से सांसद चुने गए थे। 2009 में इस सीट को कांग्रेस के अमरनाथ प्रधान ने जीता था। कांग्रेस से नागेंद्र चुनाव मैदान में जरूर हैं, लेकिन इलाके के मतदाताओं के मुताबिक, मुकाबला भाजपा-बीजद में ही होना है। 

यहां भाजपा का दबदबा 


पश्चिम ओडिशा की सात लोकसभा सीटों में संबलपुर इकलौती है, जहां भाजपा विधायक बीजद से अधिक हैं। भाजपा के इस बार लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर आक्रामक होने के बाद बीजद के भीतर खलबली मची है। बीजद की चिंता है कि भाजपा की लोकसभा की सीट बढ़ने के साथ विधानसभा में उसकी सीटें कम न हो जाएं। बीजद ने संबलपुर के साथ क्योंझर सीट को भी हॉट बना दिया है। 

पिछले दो लोकसभा चुनाव के नतीजे 

                                                लोकसभा चुनाव 2019
उम्मीदवार  दल मत%
नितेश गंगा देब भाजपा 42.05 
नलिनी कांता प्रधान  बीजद  41.24 

 

                                                 लोकसभा चुनाव 2014
उम्मीदवार  दल मत%
नागेंद्र प्रधान  बीजद 36.42  
सुरेश पुजारी भाजपा   33.31 

           

    

    

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