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Ground Report East Delhi : जाम का हल निकले तो बने बात, दोनों प्रतिद्वंद्वी पहली बार लोकसभा चुनाव के मैदान में

संतोष कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 Apr 2024 06:49 AM IST

सार

आप के खाते में आई इस सीट से गठबंधन के कुलदीप कुमार मैदान में हैं। अनुसूचित जाति से आने वाले कुलदीप कुमार कोंडली से विधायक हैं और सामान्य सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों प्रत्याशी पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरे हैंं। 
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एक बड़ा मुद्दा है जाम... - फोटो : अमर उजाला


फिलहाल, पूर्वी दिल्ली सीट पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन सांसद गौतम गंभीर की जगह पार्टी ने प्रदेश संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले हर्ष मल्होत्रा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, आप के खाते में आई इस सीट से गठबंधन के कुलदीप कुमार मैदान में हैं। अनुसूचित जाति से आने वाले कुलदीप कुमार कोंडली से विधायक हैं और सामान्य सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों प्रत्याशी पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरे हैंं। 


प्रमुख समस्याएं 

मेरठ एक्सप्रेसवे को छोड़कर संसदीय क्षेत्र की सभी मुख्य सड़कों पर जाम रहता है। अनधिकृत कालोनियों में सीवर, सड़क, नाली साफ-सफाई जैसी बेहद जरूरी चीजों का अभाव है, जबकि पॉश कालोनियां से पार्किंग, जाम व सुरक्षा व्यवस्था जैसी समस्याओं की आवाज उठती है। 


अनधिकृत और पॉश कालोनियां

पटपड़गंज, मंडावली-फाजलपुर, हसनपुर व समसपुर गांव के इर्दगिर्द सिमटी पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की आबादी अनधिकृत और पॉश काॅलोनियों के बीच बसती है। नई दिल्ली की तुलना में सस्ता इलाका होने से यहां बड़ी तादाद में बिहार, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के प्रवासियों ने आशियाना बनाया है। इसकी कारोबारी अहमियत भी है। देश की सबसे बड़ी गांधी नगर मार्केट दिल्ली को अलग पहचान देती है।


मेट्रो, अक्षरधाम व रैपिड रेल से अलग पहचान

यूपी बार्डर से आप दिल्ली में प्रवेश कीजिए, मेरठ एक्सप्रेस आपकी रफ्तार बरकरार रखेगा। जबकि दिल्ली मेट्रो की तीन लाइनें दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद की दूरी कम कर रही हैं। इसी इलाके से गुजरने वाली निर्माणाधीन रैपिड रेल भी साल भर में दिल्ली को मेरठ से जोड़ देगी। दूसरी तरफ राष्ट्रमंडल खेल गांव और अक्षरधाम मंदिर व आनंद विहार रेल टर्मिनल इसे अलग पहचान देते हैं।


संसदीय क्षेत्र का इतिहास

पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र 1967 में अस्तित्व में आया। उस समय पूरा यमुनापार इसमें शामिल था। परिसीमन के बाद 2009 में यमुनापार को पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्रों में बांट दिया गया। बीते 15 लोकसभा चुनावों में आठ बार यह सीट भाजपा के पास रही। वहीं, छह बार कांग्रेस को जीत मिली। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी ने इस सीट से जीत हासिल की थी। 2014 से लगातार दो बार सीट भाजपा के खाते में रही। 2019 में क्रिकेटर गौतम गंभीर भाजपा के टिकट पर संसद पहुंचने में कामयाब हुए।


बीते चुनाव की स्थिति

बीते लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 20,39,302 मतदाता थे और 12,57,821 मत पड़े थे। मत प्रतिशत 61.64 फीसदी रहा। इसमें गौतम गंभीर को 6,96,156 वोट मिले थे। वहीं, अरविंद सिंह लवली को 3,04,934 और आतिशी को 219328 वोट मिले थे। लवली इस समय कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं, आतिशी दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
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इस बार के प्रत्याशी

प्रदेश संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले हर्ष मल्होत्रा पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 2007 से 2017 तक वेलकम कॉलोनी वार्ड से निगम पार्षद रहे। 2015-16 में निगम महापौर बने। 59 वर्षीय मल्होत्रा शाहदरा भाजपा के 2014 में जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। वहीं, प्रदेश भाजपा में वह अभी महामंत्री के तौर पर कार्य कर रहे हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बीएससी जबकि डीयू के ही लॉ फैक्लटी से एलएलबी की पढ़ाई भी की है।


कुलदीप कुमार कोंडली से विधायक हैं। आप के युवा चेहरे के तौर पर मशहूर कुलदीप अनुसूचित जाति से आते हैं। सामान्य सीट से रिजर्व केटेगरी का उम्मीदवार उतारकर आप ने नया प्रयोग किया है। इनके जरिए पार्टी पूरे अनुसूचित जाति समुदाय पर नजर है। आप के संस्थापक सदस्य कुलदीप विधायक बनने से पहले पार्षद भी रहे हैं। इनके पिता सफाई कर्मचारी हैं। कुलदीप मजबूती के साथ पार्टी की बात मीडिया के सामने रखते हैं।

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