देश में पहला लोकसभा चुनाव 1951 में हुआ, पर क्या आप जानते हैं कि लक्षद्वीप में पहला लोकसभा चुनाव 1967 में हुआ था। लक्षद्वीप 1956 तक मलाबार निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा था। उस वर्ष एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बन गया। 1957 और 1962 के बीच लक्षद्वीप में एक नामांकित सदस्य ही हुआ करता था। वे थे के नल्ला कोया थांगल। वर्ष 2014 तक यह वोटरों की संख्या के हिसाब से देश का सबसे छोटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र था।
मावलंकर पहले लोकसभा अध्यक्ष
बूथ कैप्चरिंग की पहली घटना बिहार में
देश में बूथ कैप्चरिंग की पहली घटना दूसरे आम चुनाव में बिहार के बेगूसराय में हुई। इसके चलते मटिहानी विधानसभा सीट पर चुनाव रद्द करना पड़ा था। यह भूमिहार बेल्ट था। हालांकि, यह क्षेत्र कम्युनिस्ट पार्टी का भी गढ़ था, लेकिन यह विशेष चुनाव कांग्रेस ने जीता था। पांच साल बाद इस जिले से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के चंद्रशेखर सिंह ने जीत हासिल की। 1989 में बूथ कैप्चरिंग को औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया और दंड तय किया गया।
वन नेशन-वन इलेक्शन
देश का पहला चुनाव वन नेशन-वन इलेक्शन था। एक ही मतदाता सूची के आधार पर लोकसभा के साथ विधानसभाओं के लिए भी मतदान हुआ। 68 चरणों में हुए चुनाव में 10.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया।