महराजगंज लोकसभा सीट पर 1 जून को चुनाव होगा। सातवें चरण में इस सीट पर मतदान किया जाएगा। भाजपा की तरफ से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सातवीं बार प्रत्याशी हैं। जबकि, विपक्ष में अभी तक कोई नाम सामने नहीं आया है। लेकिन, पूर्व मंत्री के पुत्र के लड़ने की चर्चा जोरों पर है।
पंकज चौधरी को पार्षद से लेकर संसद सदस्य तक का अनुभव रहा है। पंकज चौधरी 1991, 1996, 1998, 2004, 2014 में सांसद रह चुके हैं। 2019 में वे छठवीं बार सांसद चुने गए। गोरखपुर में जन्में पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर गोरखपुर नगर निगम से शुरू हुआ था। वह पहली बार 1989-91 में नगर निगम गोरखपुर में पार्षद चुने गए थे।
इसके बाद 1990-91 तक वे गोरखपुर नगर निगम में ही उप-महापौर भी रहे। उसी साल उन्हें यानी 1991 में प्रदेश भाजपा में कार्यकारिणी समिति में सदस्य बनाया गया और लोकसभा के चुनाव में उन्हें टिकट भी मिल गया और वे जीत भी गए। सांसद रहते वे संसद की कई समितियों में रहे।
इसके बाद वह 1996 में दोबारा चुनाव जीत गए। इस बार भी उन्हें कई संसदीय समितियों में रहने का मौका मिला। 1998 में मध्यावधि चुनाव हुए और पंकज चौधरी फिर जीत गए। 2004 में वह चौथी बार सांसद बने। लेकिन, लोकसभा चुनावों में लगातार जीत का उनका क्रम 2009 में टूट गया। उन्हें कांग्रेस के हर्षवर्द्धन ने 2009 में हारा दिया।
इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में फिर चुनाव हुए और पार्टी ने पंकज चौधरी का हाथ नहीं छोड़ा। चौधरी इस बार पांचवीं बार सांसद बने। 2019 में वे फिर से सांसद बने।
अब मोदी कैबिनेट के पहले विस्तार में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री का पद मिला। जबकि, पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के पुत्र पूर्व विधायत अमन मणि त्रिपाठी इंडिया गठबंधन से कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं। गठबंधन में ये सीट कांग्रेस के खाते में गई है। अमन मणि के चुनाव लड़ने से इस बार का मुकाबला रोचक हो सकता है।