चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश से उनके बयान पर तथ्यात्मक जानकारी और विवरण मांगा है। दरअसल जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट साझा किया था। उन्होंने दावा किया था कि गृहमंत्री अमित शाह ने वोटों की गिनती से पहले करीब 150 जिलाधिकारियों को फोन किया था।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
आयोग ने कांग्रेस नेता से तथ्यों के साथ अपना जवाब देने को कहा है। चुनाव आयोग ने कहा ‘वोटों की गिनती की प्रक्रिया आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) का पवित्र कर्तव्य है। वरिष्ठ और अनुभवी नेता द्वारा किए गए इस तरह के सार्वजनिक बयान संदेह पैदा करते हैं। इसलिए इसका समाधान किया जाना चाहिए। हालाँकि किसी भी जिलाधिकारी ने ऐसी किसी भी तरह की सूचना नहीं दी है। इसलिए आपको यह बताना होगा कि इस तरह के सार्वजनिक बयान का आधार क्या है।’ चुनाव आयोग ने जयराम रमेश से 150 जिलाधिकारियों के बारे में भी जानकारी मांगी है।
जयराम रमेश ने क्या कहा था?
इससे पहले एक जून को कांग्रेस महासचिव ने एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा इतनी परेशान है कि मतगणना से पहले गृहमंत्री अमित शाह सभी जिलों के जिलाधिकारियों को फोन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आगे कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री और भाजपा चुनाव के नतीजों को लेकर आशंकित हैं। उन्होंने दावा किया था कि इस बार चुनाव में INDI गठबंधन की जीत होगी, इसलिए भाजपा नेताओं के दबाव में कोई भी जिलाधिकारी न आएं।