लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान प्रतिशत में आई गिरावट पर भाजपा नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेतृत्व ने राज्य इकाइयों को बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और पन्ना प्रमुखों की सक्रियता बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया है। राज्य इकाइयों से समर्थक मतदाताओं को धूप तेज होने से पहले हर हाल में मतदान केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे चरण में मतदान बढ़ाने के लिए सोमवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में पार्टी महासचिवों और वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई।
समर्थक मतदाता वर्ग की कम वोटिंग से भी पार्टी चिंतित
पार्टी सूत्रों ने कहा कि हालांकि तपती गर्मी के कारण सभी वर्गों के मतदान में गिरावट दर्ज की गई, मगर पार्टी की चिंता दूसरी है। खासतौर से उत्तर प्रदेश में पार्टी के परंपरागत मतदाता वर्ग के मतदान प्रतिशत में भी कमी आई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि उसका समर्थक मतदाता वर्ग हर हाल में मतदान केंद्र पहुंचे। इसके लिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया जाए।
चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग करेगी पार्टी
सुबह चार बजे तक चली बैठक में तय किया गया कि चुनाव आयोग से मतदाताओं को गर्मी से राहत दिलाने के लिए मतदान का समय बढ़ाने और मतदान केंद्रों पर कूलर लगाने सहित अन्य उपाय करने का आग्रह किया जाएगा।
सही नहीं रहा बूथ प्रबंधन
पार्टी के एक महासचिव ने माना कि प्रथम चरण में बूथ प्रबंधन में कई स्तर पर कमी रह गई। वह भी तब जब पार्टी एक साल से बूथ प्रबंधन पर ही सबसे अधिक जोर दे रही थी। यही कारण है कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय मुद्दा नहीं
यूपी की आठ सीटों पर कम मतदान प्रतिशत से पार्टी चिंतित है। माना जा रहा है कि टिकट वितरण में नाराजगी के कारण राजपूत और त्यागी बिरादरी का एक तबका मतदान केंद्र नहीं पहुंचा। कुछ सीटों पर मुसलमान मतदाता भी घरों से कम निकले हैं।