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BJP: भाजपा ने इसलिए काटे यूपी के अस्सी फीसदी टिकट, पार्टी ने कुछ इस तरह सजाई सियासी बिसात

सार

भारतीय जनता पार्टी ने मेरठ से तीन बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काटकर अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। गोविल की सक्रियता बीते कुछ दिनों में राम मंदिर के अलावा अन्य कार्यक्रमों में जैसे बढ़ी थी उससे चर्चाएं शुरू हो गईं थी कि शायद इन्हें कहीं से मौका मिल सकता है।
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी ने 111 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। ऐसे तो देश के अलग-अलग राज्यों की कई सीटों पर प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ी हुई थी। लेकिन उत्तर प्रदेश की बची सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा का सियासी रोमांच अभी भी बना हुआ है। खासतौर से उत्तरप्रदेश की कुछ महत्वपूर्ण सीटें जिसमें पीलीभीत, सुल्तानपुर, बरेली बदायूं, कैसरगंज, कानपुर और प्रयागराज समेत रायबरेली की सीट शामिल थी। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 24 सीटों में से सिर्फ 13 सीटें ही घोषित की। इन 13 सीटों में से 11 पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद है। जिसमें नौ सांसदों का टिकट काट कर भारतीय जनता पार्टी में बड़ा सियासी दांव चला है। 

भारतीय जनता पार्टी की घोषित उत्तर प्रदेश की 13 सीटों में सहारनपुर और मुरादाबाद को छोड़ दिया जाए तो बची हुई 11 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का परचम लहरा रहा है। लेकिन सियासत को समझते हुए भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों ने इन 11 सीटों में से सिर्फ अलीगढ़ और सुल्तानपुर की सीट को छोड़कर नौ लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों को बदल दिया। सियासी जानकारों का कहना है कि राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं पहले से चल रही थी कि कई महत्वपूर्ण सीटों पर बड़े विकेट गिरने तय हैं। इसमें गाजियाबाद, पीलीभीत, कानपुर, मेरठ और बदायूं समेत बरेली जैसी महत्वपूर्ण सीट भी शामिल थी। भारतीय जनता पार्टी में जब होली से एक रोज पहले देर शाम को 111 प्रत्याशियों की सूची जारी की तो उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों में से ग्यारह जीती हुई सीटों में सुल्तानपुर से मेनका गांधी और अलीगढ़ से सतीश गौतम को छोड़कर सबके टिकट काट दिए।

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Jitin Prasad

बयानबाजी के कारण हाथ से निकली टिकट
राजनीतिक जानकारों का कहना है जिस तरीके से पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी लगातार बयान बाजी कर रहे थे उससे उनका टिकट पीलीभीत से कटना तय माना जा रहा था। अब इस सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाय गया है। गाजियाबाद से पूर्व थलसेना अध्यक्ष और मोदी कैबिनेट में मंत्री जनरल वीके सिंह का टिकट भी काट दिया गया। जनता से जनरल वीके सिंह के बीच बनी दूरी की वजह से पहले से ही सियासी गलियारों में उनके टिकट कटने की चर्चा हो रही थी। इसी तरह बदायूं से समाजवादी पार्टी के बहुचर्चित पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा का भी टिकट काटा गया। संघमित्राके भी टिकट काटे जाने की चर्चा पहले से ही राजनीतिक गलियारों में हो रही थी।

इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी ने मेरठ से तीन बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काटकर अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। अरुण गोविल की जिस तरह से सक्रियता बीते कुछ दिनों में अयोध्या में बने राम मंदिर के अलावा अन्य कार्यक्रमों में बढ़ी थी उससे चर्चाएं हो रही थी कि संभव है अरुण गोविल कहीं से सियासी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि इस दौरान पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी के साथ साथ सुल्तानपुर की सांसद मेनका गांधी के टिकट को लेकर के भी राजनीतिक गलियारों में कई चर्चाएं होती थी। सियासी जानकार और वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र शुक्ला कहते हैं कि जिस तरीके से वरुण गांधी ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया उस तरह मेनका गांधी ने कभी भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला। हालांकि यह जरूर चर्चा हो रही थी कि मेनका गांधी का टिकट बदला जा सकता है लेकिन पार्टी ने सुल्तानपुर से मेनका गांधी पर फिर से भरोसा जताकर मैदान में उतारा है।

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सतीश गौतम

भारतीय जनता पार्टी ने अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम को दोबारा भरोसा जताकर मैदान में उतारा है। जबकि हाथरस बरेली बाराबंकी बहराइच में प्रत्याशी को बदला है। बाराबंकी में तो भारतीय जनता पार्टी ने अपने तत्कालीन सांसद को ही टिकट दिया था। लेकिन उनका एक वायरल वीडियो जारी होने से टिकट कट गया। सियासी जानकारों की माने तो अभी भी उत्तर प्रदेश के सियासत में कई सरप्राइज भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी होने वाले टिकट में मिलने वाले हैं। 

अभी इन सीटों पर कोई फैसला नहीं हो सका
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी में अभी भी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं घोषित किए हैं। इसमें अब सबसे महत्वपूर्ण सीट कैसरगंज की शामिल है। दरअसल कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान सांसद और पूर्व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह सांसद हैं। अभी इस सीट पर प्रत्याशी की घोषणा होनी बाकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी ने अपना कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। दरअसल अब भारतीय जनता पार्टी के लिए सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि कांग्रेस की वर्तमान सांसद सोनिया गांधी ने यहां से चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। इसके अलावा प्रयागराज की एक महत्वपूर्ण सीट पर भी फैसला होना बाकी है।

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