वर्ष 1980 के लोकसभा चुनाव में दिवंगत केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता सिकंदर बख्त चांदनी चौक से चुनाव लड़ रहे थे। तब वक्त सोशल मीडिया व मोबाइल फोन का नहीं था। प्रचार के लिए जनसंपर्क का जरिया डोर-टू-डोर कैंपेन व नुक्कड़ सभाएं होती थीं। हर इलाके का कार्यकर्ता अपने इलाके में प्रत्याशी को देखना चाहता था। एक दिन सुबह बख्त प्रचार के लिए निकले। दोपहर बाद गदोलिया रोड स्थित मिर्ची मार्केट में जाना था। शाम के चार बजे थे। मिर्ची कारोबारियों की दुकानें सज गईं थीं।
दुकानदार मिर्ची के कट्टे पर बैठा होता था। उससे मिलने के लिए मिर्ची के ढेर के नजदीक तक जाना पड़ता था। सिकंदर बख्त साहब थोड़ा नफासत पसंद इंसान थे। बाजार में जाते ही पहला सवाल यही किया कि कहां लेकर आए हो। यहां मिर्ची से वोट मांगा जाएगा क्या, कहीं दूसरी जगह चलो। हम लोगों ने उन्हें समझाया कि बाजार में काफी लोग मिल जाएंगे, जिसका वोटिंग में फायदा मिलेगा। संतुष्ट होकर वे आगे बढ़े। बीच बाजार में जाते ही मिर्ची के कारण उन्होंने छींकना शुरू कर दिया और आंख से पानी भी गिरने लगा। दिक्कत बढ़ती देख हम सभी ने उन्हें बाजार से बाहर निकाला। इसके बाद दोबारा हम लोगों ने उनके साथ मिर्ची मार्केट की तरफ झांका भी नहीं।
(जैसा भाजपा नेता धर्मवीर शर्मा ने बताया)
यादों में... शराब नहीं दूध बांटकर चुनाव जीता
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री रमाकांत गोस्वामी ने शराब की जगह दूध बंटवाकर पहला चुनाव जीता। पेशे से पत्रकार रहे गोस्वामी को कांग्रेस पार्टी से पटेल नगर विधानसभा सीट से चुनाव का टिकट मिला तो उन्हें पता चला कि बिना शराब बांटे चुनाव नहीं जीत सकते।
उन्होंने पता लगाया तो प्रतिद्वंदी पार्टियों के प्रत्याशी भी ऐसा ही कर रहे थे, क्योंकि ये चलन में था, लेकिन उन्होंने तय किया कि यदि ऐसा ही है तो वे शराब की जगह दूध बंटवाएंगे। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पता लगाएं भारी मात्रा में दूध कहां मिलेगा। अगले दिन दूध के टैंकर आ गए और दूध बांटा गया। वे तीन बार विधायक चुने गए और शीला दीक्षित कैबिनेट में उद्योग, श्रम, चुनाव, कानून और न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री रहे।
उन्होंने 1998 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और पटेल नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक की सीट के लिए कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2003 में फिर से सफलता दोहराई। 2008 के चुनाव में उन्हें राजेंद्र नगर से टिकट मिला और 5000 वोटों से जीत गए। वह 2002 से दिल्ली सरकार की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सदस्य भी रहे।