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Ground Report: कांटे की टक्कर में फंसी भिंड और मुरैना सीट, भाजपा और कांग्रेस दोनों में भितरघात की आशंका

Tue, 07 May 2024 06:44 AM IST
निर्मल कांत प्रेम प्रताप सिंह, भिंड-मुरैना (मध्य प्रदेश)

सार

Lok Sabha Election: भिंड संसदीय सीट पर 35 साल से भाजपा का कब्जा है। यहां कांग्रेस केवल पांच बार जीत सकी है। भाजपा ने इस बार मौजूदा सांसद संध्या राय को दूसरी बार चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने भांडेर से विधायक फूल सिंह बरैया को प्रत्याशी बनाया है।
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भिंड से प्रत्याशी संध्या राय और फूल सिंह बरैया; मुरैना में शिवमंगल और सत्यपाल सिंह का मुकाबला - फोटो : चुनाव आयोग हलफनामा
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के चंबल की भिंड व मुरैना संसदीय सीट भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर में फंसी हैं। हालांकि दोनों ही पार्टियों में इन सीट पर भितरघात की आशंका जताई जा ही है। इससे जो पार्टी उबर गई, उसकी ही जीत तय मानी जा रही है। 

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तिलिस्म और दबदबे की जंग
35 साल से भिंड संसदीय सीट पर भाजपा का कब्जा है। यहां कांग्रेस केवल पांच बार जीत सकी है। भाजपा ने इस बार मौजूदा सांसद संध्या राय को दूसरी बार चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने भांडेर से विधायक फूल सिंह बरैया को प्रत्याशी बनाया है। बरैया पहले बसपा में थे। बरैया अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रही है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता के बीच गिना रही है। साथ ही महिला प्रत्याशी के जरिये महिला वोटरों को साधने की कोशिश में है।

उधर, कांग्रेस पांच साल तक सांसद की कम सक्रियता को मुद्दा बना रही है। भगवा तिलिस्म को तोड़ने के लिए कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और विकास के मुद्दे उठा रही है। बरैया का पूरे इलाके में आक्रामक तरीके से चुनाव प्रचार चर्चा में बना हुआ है। भिंड के गोहद के रहने वाले भूप सिंह कहते हैं कि उन्हें मोदी सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। बीएससी में पढ़ रहे तहसीलदार माहौर का कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है। दुकानदार श्याम अग्रवाल भाजपा के कामों में राम मंदिर और भिंड में सैनिक स्कूल का जिक्र करते हैं।
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28  साल से कब्जे वाली मुरैना सीट पर भाजपा ने शिवमंगल सिंह तोमर को प्रत्याशी बनाया है। उनके सामने पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। यह इलाका पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के प्रभाव वाला है। संसदीय सीट की आठ विधानसभा में से चार-चार पर कांग्रेस व भाजपा का कब्जा है। यहां दबदबा बरकरार रखने के लिए तोमर खुद चुनावी सभाएं कर रहे हैं। यहां राम मंदिर, अनुच्छेद 370 जैसे राष्ट्रीय मुद्दों के साथ पीएम मोदी की भी खूब चर्चा हो रही है। लाडली बहना का भी असर दिख रहा है। दोनों प्रत्याशियों के क्षत्रिय होने से वोट बैंक बंट रहा है। सत्यपाल का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनके प्रचार के लिए पूरे परिवार ने अपनी ताकत लगा दी है। मुरैना के शिकारपुर के सुरेंद्र सिंह का कहना है कि यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच पहली बार कड़ी टक्कर हो रही है। शहर में कांग्रेस मजबूत है। युवाओं के बीच विकास के मुद्दे पर खूब चर्चा हो रही है।

विधानसभा सीटों में बराबरी पर: भिंड और मुरैना में 16 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। दोनों संसदीय सीटों में विधानसभा की 8-8 सीट हैं। दोनों ही सीटों की चार-चार विधानसभा सीट कांग्रेस व भाजपा के पास हैं।

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