कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को हरियाणा के पंचकूला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया था कि वह व्यवस्था को अच्छे से समझते हैं क्योंकि वह इसी व्यवस्था में पैदा हुए हैं। राहुल गांधी के इस दावे पर असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने सवाल उठाए हैं और कांग्रेस नेता को घेर लिया है। सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कई ऐसे सवाल उठाए, जिनके जवाब आज तक नहीं मिले हैं। सरमा ने इन घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की भी मांग की।
क्या है मामला
दरअसल राहुल गांधी ने जनसभा के दौरान कहा था कि 'मैं इस व्यवस्था में तब से हूं, जब से मैं पैदा हुआ हूं। मैं देश की व्यवस्था को अंदर से समझता हूं। आप मुझसे कुछ नहीं छिपा सकते कि किस तरह से यह पूरा सिस्टम काम करता है, कैसे इससे लोगों की मदद की जाती है और कैसे यह रक्षा करता है और किस पर हमला करता है। मैं सब कुछ जानता हूं क्योंकि मैं सिस्टम के भीतर से ही आता हूं। जब मेरी दादी प्रधानमंत्री थीं, मेरे पिता पीएम थे और जब मनमोहन सिंह पीएम थे, मैं अक्सर प्रधानमंत्री आवास जाता था, इसलिए मुझे पता है कि ये व्यवस्था कैसे काम करती है।'
हिमंता बिस्व सरमा ने की जांच की मांग
राहुल गांधी के भाषण की इस क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में हिमंता सरमा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। सरमा ने लिखा कल राहुल गांधी ने कहा कि वह कैसे इस सिस्टम के रहस्यों को जानते हैं तो मैं उन्हें कुछ चीजें याद दिलाना चाहता हूं, जिनके बारे में जानने का हम आज भी इंतजार कर रहे हैं।
1. पूर्व रेल मंत्री ललित मिश्रा के इंदिरा गांधी के साथ मतभेद थे और रहस्यमयी हालात में बम विस्फोट में उनकी मौत हो गई थी। इस बम विस्फोट के पीछे कौन था?
2. बिहार के पूर्व सीएम केबी सहाय, जिन्होंने जमींदारी प्रथा को खत्म किया, उनके भी इंदिरा गांधी से मतभेद हुए थे और उसके बाद वह भी रहस्यमयी तरीके से एक सड़क दुर्घटना में मारे गए थे। उनकी मौत की जांच क्यों नहीं की गई?
3. वारेन एंडरसन को बचाने के लिए दिल्ली से किसने फोन किया था?
4. बोफोर्स और ऐसे ही अन्य सौदों से लूटा गया धन कहां है और उसे कहां छिपाकर रखा गया है?
5. किसके कहने पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने शर्म अल शेख में पाकिस्तान को क्लीन चिट दी थी।
हिमंता सरमा ने लिखा यह लिस्ट बहुत लंबी है और इसका सबसे अच्छा तरीका ये है कि इनकी जांच के लिए एक न्यायिक आयोग गठित किया जाए, जो इन सभी रहस्यों की जांच करे, जिन्होंने राष्ट्रहितों को नुकसान पहुंचाया।