लोक जनशक्ति पार्टी की समस्तीपुर से उम्मीदवार यंग और बहुआयामी छवि से क्या जादू बिखेरेंगी, यह तो परिणाम के बाद ही पता चलेगा लेकिन यहां मुकाबला शानदार होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में परास्नातक और मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहीं शाम्भवी चौधरी को उतारकर चिराग पासवान ने शिक्षा और महिला कल्याण दोनों मोर्चों पर निशाना साधा है। हालांकि शाम्भवी पटना में स्कूली शिक्षा, दिल्ली से उच्च शिक्षा के बाद वापस पटना में रहती हैं। यह पहला मौका होगा जब शाम्भवी समस्तीपुर जाएंगी, जहां उनके पिता और ससुर का घर है। यहीं से उनके सियासी सफर की शुरुआत होनी है। पिता आशोक चौधरी जदयू के नेता हैं और बिहार में कैबिनेट मंत्री हैं, दादा महावीर चौधरी भी कांग्रेस से नौ बार विधायक रहे। 26 वर्षीय शाम्भवी देश की सबसे युवा सांसद उम्मीदवार हैं। बिहार की कुल 40 सीटों पर एनडीए की ओर से चार महिला उम्मीदवारों को उतारा गया है और उनमें शाम्भवी भी हैं। चिराग ने अपने चचेरे भाई प्रिंस की सीट से शाम्भवी को उतारा है। चिराग के भरोसे और शाम्भवी की पढ़ी लिखी छवि की कॉपी समस्तीपुर की जनता जांचेगी।
चिराग भैया से मिलते हैं विचार
राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के कारण शाम्भवी और चिराग पुराने परिचित हैं। शाम्भवी के पति सायण भी चिराग के अच्छे दोस्तों में हैं, ऐसे में दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला नया नहीं है। हालांकि राजनीति को लेकर बातचीत हाल ही में तब शुरू हुई जब शाम्भवी ने समस्तीपुर से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और चिराग भैया ने उसे स्वीकार भी किया। शाम्भवी कहती हैं कि चिराग भैया के विचार उनसे मिलते हैं। दोनों युवा सोच रखते हैं और बिहार व पहले बिहारी वाली सोच से प्रदेश में बदलाव लेकर आएंगे। आने वाली पीढ़ी के लिए नया समस्तीपुर बनाएंगे।
भावुक अपील से कर चुकीं आगाज
शाम्भवी ने टिकट मिलने के बाद पटना से समस्तीपुर का सफर करने से पहले ही भावुक अपील से चुनावी समर का आगाज कर दिया है। उन्होंने समस्तीपुर की जनता से कहा है- अपना प्यार और आशीर्वाद बना के रखिये, हम आप ही की बेटी हैं। अपने घर आ रहे हैं और बहुत आशा और उम्मीद के साथ आ रहे हैं। हम आपको वादा करते हैं कि हम आपकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।