मेधी ने बताया कि महिला होने के नाते उन्हें महिलाओं के दर्द का अच्छी तरह अंदाजा है। भाजपा सरकार पहले से ही महिला सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। वह महिलाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगी। प्रचार के दौरान जब वह महिलाओं से मिलती हैं, तो सबसे ज्यादा शिकायत सार्वजनिक शौचालय की होती है। चुनाव जीतने के बाद प्राथमिकता से इस समस्या को दूर करेंगी। मेधी पूरे आत्मविश्वास से कहती हैं कि गुवाहाटी सीट से सांसद रहे दिग्गजों की विरासत को वह बरकरार रखेंगी।
गुवाहाटी सीट पर एक नजर
1952 में गुवाहाटी सीट का प्रतिनिधित्व कांग्रेस नेता रोहिणी कुमार चौधरी ने किया था। वह 1952 में भारत की संविधान सभा के सदस्य भी थे। 1957, 1962 और 1967 में असम के सबसे बड़े साहित्यकार और समाजवादी शख्सियतों में से एक हेम बरुआ और 1971 और 1985 में पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री व असम गण परिषद नेता दिनेश गोस्वामी संसद में गुवाहाटी की आवाज रहे हैं।