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Hassan Ground Report: हारे तो गौड़ा…जीते तो भी गौड़ा...पर कौनसा, यह वक्त ही बताएगा, पढ़ें क्या कहते हैं मतदाता

नीरज तिवारी, हासन Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 24 Apr 2024 06:21 AM IST

सार

हासन...दो परिवारों की चार दशक से सियासी अदावत का गवाह। इस बार पौत्रों के बीच लड़ाई है। पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के पौत्र जदएस के प्रज्ज्वल रेवन्ना को चुनौती दे रहे हैं जी पुट्टास्वामी गौड़ा के पौत्र कांग्रेस के एम. श्रेयस पटेल। वोक्कालिगा समुदाय के दिग्गजों के पौत्रों की लड़ाई ने सियासी रोमांच बढ़ा दिया है। लोग कहते हैं, जीतेगा तो गौड़ा ही...पर कौनसा, यह वक्त बताएगा।

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evm vote voting new - फोटो : istock

हासन से सांसद और जदएस प्रत्याशी प्रज्ज्वल रेवन्ना के सामने देवगौड़ा के धुर विरोधी रहे जी पुट्टास्वामी गौड़ा के पौत्र श्रेयस पटेल कांग्रेस के टिकट पर कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव में हासन में आने वाली होलेनरासीपुर सीट पर श्रेयस ने प्रज्ज्वल के पिता एचडी रेवन्ना के खिलाफ ताल ठोकी थी। यह उनका पहला चुनाव था। कड़ी लड़ाई में रेवन्ना महज 3,152 वोटों से जीत सके। श्रेयस की यह हिमाकत देवगौड़ा परिवार की प्रतिष्ठा के लिए चुनौती बन गई है।

परंपरागत सीट बचाए रखने के लिए 92 वर्षीय देवगौड़ा प्रज्ज्वल के पक्ष में रोड शो कर चुके हैं। इसमें उन्होंने क्षेत्र की जनता से बड़ी भावुक अपीलें कीं। यहां तक कि अपने जीवन का आखिरी चुनाव भी बता दिया। हालांकि, वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले दोनों  नेताओं में हासन लोकसभा सीट पर देवगौड़ा का प्रभाव अधिक रहा। इसका अंदाजा दोनों   के सियासी कद से भी लगाया जा सकता है।

क्या गुल खिलाएगी सियासी अदावत


करीब चार दशक पहले तक देवगौड़ा और पुट्टास्वामी गौड़ा के बीच अच्छे संबंध रहे। अस्सी के दशक के शुरुआती दौर में सियासी महत्वाकांक्षाओं की वजह से मनभेद की खाई इतनी गहरा गई कि परिवारों में हमेशा के लिए तलवारें खिंच गईं। 1991 के बाद पुट्टस्वामी ही ऐसे नेता रहे, जिन्होंने देवगौड़ा को हासन में शिकस्त दी।

हवा हो गई दुश्मनी खत्म होने की चर्चा


2006 में पुट्टास्वामी के निधन के बाद चर्चा चली कि दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी खत्म हो गई। इसलिए भी कि पुट्टस्वामी के इकलौते पुत्र की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। लेकिन, उनकी बहू अनुपमा ने वर्ष 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में एचडी रेवन्ना के खिलाफ खुलकर ताल ठोकी। हालांकि, दोनों ही चुनावों में वह कामयाब नहीं हुईं। अब बेटे श्रेयस के सहारे देवगौड़ा परिवार को उसकी मांद में ही मात देने की कोशिश में जुटी हैं।

हासन का ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व : हासन जिला ऐतिहासिक और पुरातन महत्व की धरोहरों से सुसज्जित है। बेलुर में 12वीं सदी में बना भगवान विष्णु का मंदिर है, जिसे चेन्नाकेशव नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में की गईं नक्काशियां उस दौर के संगीत और सांस्कृतिक समृद्धि की गवाही देती हैं। इसके अलावा श्रवणबेलगोला में भगवान बाहुबली की प्रसिद्ध मूर्ति भी आकर्षण का केंद्र है। यही नहीं, केजीएफ-1 व 2 जैसी चर्चित हिट फिल्म देने वाले लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता यश भी यहीं के रहने वाले हैं।

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