कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीते दिन दो पूर्व न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ पत्रकार के पत्र का औपचारिक रूप से जवाब दिया। पत्र में राहुल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक रूप से बहस करने को कहा गया था। राहुल ने कहा कि वह या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बहस में भाग लेकर बहुत खुश होंगे। वायनाड सांसद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं तो उन्हें बताया जाए।
राहुल ने 'एक्स' पर कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रमुख दलों का एक मंच से अपना विजन देश के समक्ष रखना एक सकारात्मक पहल होगी। कांग्रेस इस पहल का स्वागत करती है और चर्चा का निमंत्रण स्वीकार करती है। देश प्रधानमंत्री से भी इस संवाद में हिस्सा लेने की अपेक्षा करता है।
प्रधानमंत्री के साथ बहस करने के लिए 100% तैयार: राहुल
इससे पहले शुक्रवार को जब राहुल से सार्वजनिक बहस के न्योते के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि मैं प्रधानमंत्री के साथ बहस करने के लिए 100% तैयार हूं, लेकिन मैं जानता हूं कि पीएम मेरे साथ बहस के लिए तैयार नहीं होंगे। कांग्रेस की ओर से ऐसी बहस में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी हिस्सा ले सकते हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दो पूर्व जजों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर लोकसभा चुनाव के मुद्दों पर आमने-सामने सार्वजनिक बहस करने का न्योता दिया था। इस पत्र पर वरिष्ठ पत्रकार एन. राम ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी लोकुर और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एपी शाह ने पत्र में लिखा है कि इस बहस से एक मिसाल कायम होगी और लोग दोनों नेताओं का पक्ष सीधे जान सकेंगे। इससे दोनों को लाभ होगा। चिट्ठी में कहा गया है कि दुनिया हमारे चुनाव पर उत्सुकता से नजर रखती है, ऐसे में बेहतर होगा कि जनता दोनों पक्षों के सवाल-जवाब सुने। इससे हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत मिलेगी।
पत्र में दोनों पक्षों को इस बहस का न्योता स्वीकार करने की अपील की गई थी और साथ ही बहस की जगह, अवधि, प्रारूप और मॉडरेटर सभी का चयन परस्पर सहमति से तय करने की बात कही गई थी। गैर हाजिरी की स्थिति में दोनों नेताओं से अपना प्रतिनिधि भेजने की बात भी पत्र में है।
भाजपा का राहुल का पलटवार
राहुल की ओर से बहस की चुनौती स्वीकार करने के बाद भाजपा ने पलटवार किया। पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल किस हैसियत से मोदी के साथ बहस करना चाह रहे हैं, क्योंकि वह महज कांग्रेस पार्टी के सांसद हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस में एक सांसद यात्रा का नेतृत्व कर रहा है, जबकि संसद के दोनों सदनों में उसके नेता उसके पीछे खड़े हैं। मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के अध्यक्ष हैं जबकि गांधी के पोस्टर दिखाई दे रहे हैं। कोई उनके साथ बहस कर सकता है या नहीं, विभिन्न मुद्दों पर उनकी जानकारी के स्तर से समझा जा सकता है।