दिल्ली की नई विधानसभा से जुड़े कुछ तथ्य।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा ने बंपर जीत दर्ज करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के 12 साल के शासन का अंत किया। इसी के साथ भाजपा नेतृत्व ने सभी जीते हुए उम्मीदवारों को बधाई दी है। उधर अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह एक अच्छे विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। इस बीच लगातार तीसरी बार दिल्ली में एक भी सीट हासिल न कर पाने वाली कांग्रेस का बयान आना बाकी है।
चुनावी नतीजे आने के बाद जीते हुए उम्मीदवारों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं? मसलन दिल्ली को अब जो नेता मिलेंगे, वे सब कितने पढ़े-लिखे हैं? उनकी संपत्ति कितनी है? इनमें कितने नेताओं पर आपराधिक केस दर्ज हैं? इसके अलावा दिल्ली की नई विधानसभा कितनी उम्रदराज होगी? आइये जानते हैं...
कितनी है दिल्ली के नए प्रतिनिधियों की उम्र?
दिल्ली विधानसभा चुनावों में जो नेता चुनकर आए हैं, उनकी उम्र का दायरा 31 साल से लेकर 73 साल तक है। दिल्ली में चुने गए नवनिर्वाचित विधायकों की औसत आयु करीब 52 वर्ष है। यानी दिल्ली विधानसभा में युवाओं और बुजुर्ग विधायकों का एक अच्छा संगम साबित होने वाली है।
दिल्ली में जनप्रतिनिधियों के संपत्ति के आंकड़े क्या कहते हैं?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जो प्रत्याशी जीते हैं, उनकी औसत संपत्ति 21.28 करोड़ रुपये है। आम आदमी पार्टी से जीतने वाले संजीव झा इनमें सबसे कम संपत्ति वाले विधायक होंगे। उनकी कुल संपत्ति 14 लाख 47 हजार 331 रुपये है। वहीं, 259 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के साथ शकूर बस्ती से चुने गए करनैल सिंह सबसे अमीर विधायक होंगे।
विधानसभा में कितने दागी प्रतिनिधि होंगे?
दिल्ली की नई विधानसभा में इस बार 70 में से 31 विधायक ऐसे होंगे, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी करीब 44 फीसदी जनप्रतिनिधि दागी होंगे। सबसे ज्यादा 19 मामले ओखला सीट से चुने गए अमानतुल्लाह खान पर दर्ज हैं। वहीं, 18 विधायक ऐसे होंगे, जिन पर दो या इससे ज्यादा केस दर्ज हैं।
विधानसभा में क्या होगा प्रतिनिधियों की शिक्षा का स्तर?
दिल्ली विधानसभा में इस बार शिक्षा का स्तर काफी बेहतर है। 70 में से 17 विधायक ऐसे हैं, जो कि पोस्ट ग्रैजुएशन कर चुके हैं। वहीं, दिल्ली में इस बार कोई भी जनप्रतिनिधि अनपढ़ नहीं है। विधायकों की शिक्षा का स्तर न्यूनतम पांचवीं पास है। वहीं उच्चतम शिक्षा की बात करें तो एक प्रतिनिधि डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं।
जहां सबसे पढ़े-लिखे विधायक भाजपा के डॉ. अजय दत्त होंगे। वहीं, सबसे कम-पढ़े लिखे जनप्रतिनिधि राम सिंह नेताजी हैं, जिन्होंने पांचवीं तक पढ़ाई की है। वहीं, दो विधायक- करतार सिंह तंवर सिविल इंजीनियरिंग में और सुरेंद्र कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमाधारक हैं।