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Karan Bhushan Singh: रेवन्ना कांड के चलते कटा बृजभूषण शरण का टिकट? महिला विरोधी छवि नहीं चाहती थी भाजपा

अमित शर्मा
Updated Thu, 02 May 2024 07:42 PM IST

सार

लंबे समय से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा वर्तमान सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काट सकती है। पार्टी बृजभूषण शरण सिंह को टिकट देकर हरियाणा की दस लोकसभा सीटों पर जाट मतदाताओं की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती थी।
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करण भूषण सिंह। - फोटो : Amar Ujala


दरअसल, लंबे समय से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा वर्तमान सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काट सकती है। पार्टी बृजभूषण शरण सिंह को टिकट देकर हरियाणा की दस लोकसभा सीटों पर जाट मतदाताओं की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती थी। लेकिन बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटकर वह राजपूत मतदाताओं की नाराजगी भी नहीं मोल लेना चाहती थी। पहले ही एक भाजपा नेता के विवादित बयानों के कारण राजपूत मतदाता कथित तौर पर भाजपा से चिढ़े हुए हैं।  बृजभूषण शरण सिंह का कैसरगंज-अयोध्या के आसपास की लगभग दस लोकसभा सीटों पर असर बताया जाता है। उनका टिकट काटकर भाजपा राजपूत समुदाय को नाराज करने का एक और कारण पैदा नहीं होने देना चाहती थी। यही कारण है कि नामांकन के अंतिम 24 घंटे का समय आ जाने के बाद भी कैसरगंज से भाजपा के उम्मीदवार के बारे में अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका था। 




भाजपा सूत्रों के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटने का निर्णय तो बहुत पहले ही ले लिया गया था, उनके बेटे या पत्नी को चुनाव लड़ाने का ऑफर भी दे दिया गया था। लेकिन बृजभूषण सिंह स्वयं चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। उन्होंने पार्टी से बार-बार यही बात कही थी कि अब तक वे अदालत से दोषी नहीं साबित हुए हैं। केवल आरोपों के कारण उनका टिकट नहीं काटा जाना चाहिए। लेकिन जिस तरह चुनाव के बिल्कुल अंतिम दिनों में भाजपा रेवन्ना मामले में बैकफुट पर आई, पार्टी बृजभूषण शरण सिंह को टिकट देकर इस विवाद को और हवा नहीं देना चाहती थी। लिहाजा बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काटने का निर्णय कर लिया गया। 

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