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जॉब: एक नौकरी अब नहीं देती सुकून, युवा बना रहे बैकअप कॅरिअर; एआई के दौर में बढ़ा मल्टीपल स्किल्स पर फोकस

Sat, 19 Sep 2026 12:47 PM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला, ब्यूरो

सार

एआई और बदलते जॉब मार्केट के दौर में युवा अब सिर्फ एक नौकरी पर निर्भर नहीं रहना चाहते। नौकरी के साथ वे नए हुनर सीखने, अतिरिक्त कमाई के साधन और बैकअप कॅरिअर तैयार करने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
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जॉब मार्केट - फोटो : AI
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विस्तार
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करीब एक दशक पहले तक अच्छी नौकरी, नियमित वेतन और सालाना वेतनवृद्धि को कॅरिअर की सुरक्षा माना जाता था लेकिन एआई के बढ़ते इस्तेमाल, लगातार छंटनी, धीमी भर्ती और आर्थिक अनिश्चितता ने यह भरोसा कमजोर कर दिया है।

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अब बड़ी संख्या में युवा पेशेवर सिर्फ एक नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय दूसरा कौशल सीख रहे हैं, फ्रीलांस काम कर रहे हैं, ऑनलाइन कारोबार शुरू कर रहे हैं या अतिरिक्त आय के दूसरे स्रोत बना रहे हैं। विशेषज्ञ इसे स्टेबिलिटी स्टैकिंग कह रहे हैं, यानी भविष्य के जोखिमों से बचने के लिए सुरक्षा की कई परतें तैयार करना। अमेरिका में यह ट्रेंड मिलेनियल्स आबादी के बीच दिख रहा है, लेकिन भारत में भी तस्वीर बहुत अलग नहीं है।

आईटी और स्टार्टअप सेक्टर में पिछले तीन वर्षों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी हुई। एआई की वजह से शुरुआती स्तर और नियमित नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ी है। घर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च ने अतिरिक्त आय की जरूरत बढ़ाई है। युवा नौकरी के साथ यूट्यूब चैनल, कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन ट्यूशन, शेयर बाजार, एफिलिएट मार्केटिंग और फ्रीलांसिंग जैसे विकल्प तलाश रहे हैं। तीन केस स्टडी से आप बदलते ट्रेंड का सहज अनुमान लगा सकते हैं।

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आईटी कर्मचारी का सहारा एआई : नोएडा के 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित की नौकरी सुरक्षित है, लेकिन पिछले दो वर्षों में कंपनी में कई दौर की छंटनी देख चुके हैं। उन्होंने एआई कोर्स किया। सप्ताहांत में छोटे व्यवसायों के लिए वेबसाइट बनाकर अतिरिक्त कमाई शुरू की। अब उनकी मासिक आय का करीब 20% इसी से आता है।

बैंक कर्मचारी की नई तैयारी

मुंबई की 38 वर्षीय बैंक अधिकारी नेहा ने डिजिटल मार्केटिंग का सर्टिफिकेट कोर्स किया है। उनका कहना है कि अगर बैंकिंग क्षेत्र में ऑटोमेशन बढ़ता है तो उनके पास कॅरिअर बदलने का विकल्प रहेगा।

मैनेजर का जॉब पोर्टफोलियो

बंगलूरू के 41 वर्षीय प्रोडक्ट मैनेजर सुहास नौकरी के साथ ऑनलाइन मेंटरिंग और कॅरिअर कोचिंग करते हैं। उनका मानना है कि एक आय स्रोत पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा है।

क्या है स्टेबिलिटी स्टैकिंग

एक से ज्यादा आय स्रोत बनाना n नई तकनीकी और एआई स्किल सीखना n प्रोफेशनल नेटवर्क बढ़ाना n फ्रीलांस या कंसल्टिंग काम करना n जरूरत पड़ने पर कॅरिअर बदलने की तैयारी रखना n बचत व निवेश का मजबूत आधार बनाना

सुरक्षा की तैयारी कर रहे कर्मचारी

ग्लासडोर की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले लोग प्रमोशन का इंतजार करते थे, अब वे विकल्प तैयार करते हैं। कॅरिअर का नया मॉडल सिर््फ एक नौकरी नहीं। अब कर्मचारी खुद अपनी सुरक्षा तैयार कर रहे हैं। बदलती तकनीक, एआई और अनिश्चित जॉब मार्केट के बीच नई पीढ़ी का मंत्र बहुत साफ है - नौकरी करते रहो, लेकिन सिर्फ उसी पर भरोसा मत करो। ब्यूरो
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