फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Students' Day: 15 अक्तूबर को ही क्यों मनाया जाता है ये दिन

Tue, 15 Oct 2019 12:48 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
World Students' Day - फोटो : World Students' Day
विज्ञापन

आज (15 अक्तूबर) विश्व छात्र दिवस (World Student's Day) है। हर साल पूरी दुनिया में 15 अक्तूबर का दिन विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका कारण है भारत के पूर्व राष्ट्रपति और 'मिसाइल मैन' एपीजे अब्दुल कलाम आजाद का जन्मदिन। संयुक्त राष्ट्र ने अब्दुल कलाम आजाद के जन्मदन 15 अक्तूबर को साल 2010 में विश्व छात्र दिवस घोषित किया था। ऐसा इसलिए क्योंकि अब्दुल कलाम को छात्रों से बेहद प्यार था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई योगदान दिए और हमेशा छात्रों के करीब रहना पसंद किया।

जब अब्दुल कलाम के दौरे वाला दिन बन गया 'साइंस डे'

अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर, 1931 को तमिलनाडु राज्य में रामेश्वरम में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम था। प्रसिद्ध वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम ने मिसाइल रक्षा कार्यक्रम से भारत देश को गौरवान्वित किया। वे एक ऐसे व्यक्ति थे, जो शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए सदैव खुले विचार रखते थे। अब्दुल कलाम ने पुस्तक 'इंडिया 2020' में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। वह भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर राष्ट्र बनते देखना चाहते थे। 

विज्ञापन


कलाम ने 1998 में पोकरण- परमाणु परीक्षणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें 'मिसाइल मैन' (missile man) का नाम दिया गया। उन्होंने भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए। इसके आलावा उन्हें लगभग चालीस विश्वविद्यालयों द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की गई थीं।

26 मई 2005 को कलाम ने स्विट्जरलैंड का दौरा किया था। इसके बाद से उस दिन को स्विट्जरलैंड में 'विज्ञान दिवस' (Science Day) के रूप में मनाया जाने लगा। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें : एपीजे अब्दुल कलाम के 10 विचार, जो बदल सकते हैं युवाओं की सोच

अब्दुल कलाम को मिले थे ये पुरस्कार

Trending Videos
विज्ञापन

  • 2014 डॉक्टर ऑफ साइंस
  • 2012 डॉक्टर ऑफ साइंस (मानद उपाधि)

  • 2011 आईईईई मानद सदस्ता
  • 2009 मानद डॉक्टरेट
  • 2009 हूवर मेडल
  • 2009 वॉन कार्मन विंग्स अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड
  • 2008 डॉक्टर ऑफ इंजीनियरिंग (मानद उपाधि)
  • 2008 डॉक्टर ऑफ साइंस (मानद उपाधि)
  • 2007 डॉक्टर ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी की मानद उपाधि
  • 2007 किंग चार्ल्स II मेडल
  • 2007 डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि
  • 2000 रामानुजन पुरस्कार
  • 1998 वीर सावरकर पुरस्कार
  • 1997 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार
  • 1997 भारत रत्न
  • 1994 विशिष्ट शोधार्थी
  • 1990 में पद्म विभूषण
  • 1981 में पद्म भूषण 
रचनाएं-
  • विंग्स ऑफ फायर: एन आटोबायोग्राफी ऑफ एपीजे अब्दुल कलाम 
  • साइंटिस्ट टू प्रेसिडेंट 
  • माय जर्नी (मेरी जीवनयात्रा)
ये भी पढ़ें : चेहरा पढ़ने का हुनर रखते थे अब्दुल कलाम, जानें और क्या-क्या छिपा रखे थे राज?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें