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जानिए कौन थे हुस्नी मुबारक जिन्होंने 30 साल मिस्त्र में किया राज, शराब-सिगरेट छुई तक नहीं

Thu, 27 Feb 2020 02:18 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
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होस्नी मुबारक - फोटो : सोशल मीडिया
1981 से 2011 तक मिस्त्र में एकछत्र राज करने वाले हुस्नी मुबारक की मृत्यु हो गई है। 25 फरवरी को 91 साल की उम्र में मिस्त्र के इस निरंकुश पूर्व राष्ट्रपति ने काहिरा के सैनिक अस्पताल में दम तोड़ा। 23 जनवरी को हुस्नी मुबारक की सर्जरी हुई थी। वो लगातार बीमार चल रहे थे। नौ साल पहले अरब क्रांति ने हुस्नी मुबारक को सत्ता से उखाड़ फेंका था। उन्हें साल 2011 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ा था और छह साल जेल में गुजारने पड़े थे। उनकी सरकार के खिलाफ मिस्त्र में जनता सड़कों पर उतर आई थी और हिंसक प्रदर्शन हुए थे। आइए जानते हैं कैसे एक छोटे से गांव में पैदा हुए हुस्नी मुबारक मिस्त्र की सत्ता तक पहुंचे...
 

 

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1981 में भाग्य ने दिया साथ, हमले में बचे और राष्ट्रपति बन गए

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होस्नी मुबारक
4 मई 1928 को मिस्त्र के कफर-अल-मैशेलह में पैदा हुए हुस्नी मुबारक 1981 में अनवर सदत की हत्या के बाद मिस्त्र के राष्ट्रपति बने। मिस्र-इजरायल शांति संधि की वजह से 1981 में कुछ सैनिकों के समूह ने काहिरा में एक परैड के दौरान अनवर सदत की हत्या कर दी थी। इस हमले में हुस्नी मुबारक बाल-बाल बचे थे। वो अनवर सदत के बगल में बैठे थे। इसके बाद हुस्नी मुबारक की छह से ज्यादा बार हत्या की कोशिश हुई लेकिन हर बार वो बच निकले।
 
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18 दिनों के हिंसक प्रदर्शन के बाद  2011 में सत्ता गंवाई

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होस्नी मुबारक - फोटो : सोशल मीडिया
हुस्नी मुबारक ने 11 फरवरी 2011 को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने मिस्त्र में 18 दिनों तक हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद इस्तीफा दिया। यह पहली बार था जब आधुनिक मध्य पूर्व में सोशल मीडिया से शुरु होकर सड़क तक पहुंचे एक आंदोलन ने किसी निरंकुश शासक को सत्ता से अखाड़ फेंका। इस प्रदर्शन में 239 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी थी। हुस्नी मुबारक के इस्तीफा देते हुए पूरे मिस्त्र में जश्न का माहौल था। 
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हुस्नी मुबारक ने आजीवन शराब और सिगरेट से बनाए रखी दूरी

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होस्नी मुबारक - फोटो : सोशल मीडिया
एक छोटे से गांव में पैदा हुए हुस्नी मुबारक ने अपनी पर्सनल लाइफ हमेशा ही गोपनीय रखी। उनकी पत्नी सुजान ब्रिटिश हैं।  हुस्नी मुबारक के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हमेशा शराब और सिगरेट से दूरी बनाकर रखी। उन्होंने हमेशा स्वस्थ्य जीवनशैली को तवज्जो दी। राष्ट्रपति रहने के दौरान हुस्नी मुबारक की दैनिक दिनचर्या में जीम जाना और स्क्वाश खेलना शामिल था। उन्होंने अनवर सदत की हत्या के आठ दिनों बाद 14 अक्टूबर 1981 को मिस्त्र के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।
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