पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा फैसला होने वाला है। ये फैसला एफएटीएफ (FATF) करेगा। इस फैसले पर पाकिस्तान का भविष्य भी टिका है। 14 अक्तूबर को इस संबंध में एफएटीएफ की बैठक हुई।इसमें हिस्सा लेने वाले अधिकारियों के अनुसार, ऐसे संकेत हैं कि पाकिस्तान को सभी सदस्य देशों द्वारा अलग-थलग किया जा सकता है।
एफएटीएफ की इकाई एशिया पैसिफिक ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान आतंकी फंडिंग रोकने में विफल साबित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 बिंदुओं में से पाकिस्तान सिर्फ 6 पर ही खरा उतर पाया है। ऐसे में एफएटीएफ इस पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसका फैसला 18 अक्तूबर को होगा।
पाकिस्तान को पिछले साल जून में एफएटीएफ ने ग्रे सूची (Grey List) में रखा था। चेतावनी दी थी कि अक्तूबर 2019 तक वह आतंकी फंडिंग रोकने की कार्रवाई को अंजाम दे। ऐसा न होने की स्थिति में पाकिस्तान को ईरान और उत्तर कोरिया के साथ ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
अब आपको बताते हैं कि पाकिस्तान पर ये बड़ा फैसला करने वाला एफएटीएफ है क्या? ये कैसे काम करता है और कौन-कौन से देश इसके सदस्य हैं? भारत और पाकिस्तान इसका सदस्य है या नहीं? इन सवालों के जवाब आगे पढ़ें।