सरकार देशभर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC - National Register of Citizens) लागू करने से पहले नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पास करना चाहती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर वर्तमान नागरिकता कानून (Citizenship Act) में बदलाव की बात की है।
हाल में कोलकाता में लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बारे में बात की। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि 'मैं सभी हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उन्हें भारत छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। आप अफवाहों पर ध्यान न दें। ममता दीदी कह रही हैं कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होगा। लेकिन हम हर घुसपैठिए को चुन कर बाहर करेंगे। जब ममता बनर्जी विपक्ष में थीं, तब वो भी यही चाहती थीं। अब वही घुसपैठिए उनके वोट बैंक बन गए हैं, तो वो उन्हें हटाना नहीं चाहतीं।'
अब सवाल है कि सरकार क्यों चाहती है कि एनआरसी से पहले नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो जाए? यह विधेयक पास होने से वर्तमान कानून में क्या बदल जाएगा? इससे किसे फायदा मिलेगा और देश में रह रहे करोड़ों लोगों पर इसका क्या असर होगा? आगे हम इन सभी सवालों के जवाब बता रहे हैं।