भारत सरकार और बोडो समुदाय के बीच समझौता 27 जनवरी को हुआ, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार कोकराझार पहुंचे। लोगों ने स्थानीय परंपरा के मुताबिक पीएम मोदी का स्वागत किया। साथ ही उनका समझौते के लिए धन्यवाद भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात फरवरी को ट्वीट पर कहा था कि आज जब बोडो क्षेत्र में, नई उम्मीदों, नए सपनों, नए हौसले का संचार हुआ है, तो आप सभी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मुझे पूरा विश्वास है कि Bodo Territorial Council अब यहां के हर समाज को साथ लेकर, विकास का एक नया मॉडल विकसित करेगी।
आखिर क्या है असम का बोडो समझौता? कब से चल रहा है ये मामला? इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे यहां? पढ़ते हैं आगे...