तलाशी प्रक्रिया में होती है दिक्कत, इसलिए लिया गया फैसला
आयोग के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने बताया कि ढके हुए जूते तलाशी प्रक्रिया में कठिनाई पैदा करते हैं और अनुचित तरीकों को रोकने में बाधा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। उनके अनुसार जूतों के भीतर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाए जाने की आशंका रहती है।
बोर्ड परीक्षाओं में भी देखने को मिली ऐसी घटनाएं
आयोग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हाल में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कुछ अभ्यर्थियों द्वारा जूतों में उपकरण छिपाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साधनों का उपयोग करने की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित वस्तुएं
संशोधित निर्देशों वाले प्रवेश पत्र डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। आयोग ने परीक्षा केंद्रों में आभूषण और धातु की वस्तुएं ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया है। केवल पारदर्शी पेन और पानी की पारदर्शी बोतल की अनुमति होगी। कलाई घड़ी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रतिबंधित वस्तुएं लाने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले निर्धारित काउंटर पर उन्हें जमा करना होगा।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसी भी अभ्यर्थी के पास प्रतिबंधित वस्तु मिलने पर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। इस बार ग्रुप सी परीक्षा के लिए लगभग 8.13 लाख और ग्रुप डी के लिए करीब 8.20 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। राज्यभर में लगभग 1,700 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।