उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को योग को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की सिफारिश की और कहा कि बदलती जीवनशैली और नॉन कम्युनिकेबल रोगों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर ऐसा करना आवश्यक है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय द्वारा ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में आज आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन भारतीय अभ्यास न केवल शारीरिक फिटनेस और मानसिक संतुलन सुनिश्चित करता है, बल्कि अनुशासन को भी बनाए रखता है।
उन्होंने कहा कि "ऐसे समय में जब लोग अपने रोज के जीवन में जबरदस्त दबावों का सामना कर रहे हैं, योग की बहुत आवश्यकता है, जिसके उपयोग से बेहतर जीवन जिया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "समय आ गया है कि हमें जीने के पुराने तरीकों पर वापस जाना चाहिए। आज की जीवनशैली में बदलाव हमारी युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं, हम सभी समृद्धि और अस्थायी खुशी के लिए तरस रहे हैं।
बता दें कि सूक्षों के मुताबिक लाल किला में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों सहित लगभग 40,000 लोगों ने योग दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों से योग को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।