छात्र आत्मसात कर रहे सशस्त्र बलों के अखंड मूल्य
लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि छात्रों ने सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, निष्ठा और चरित्र के मूल्यों को आत्मसात किया है। पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने कहा कि एआईएम अपने छात्रों के बीच उन मूल्यों और आचार-विचार को विकसित करने में सक्षम है, जिनके लिए सेना सदैव तत्पर रही है। एआईएम की रजत जयंती पर अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि छात्रों द्वारा सशस्त्र बलों के जीवन के अभिन्न अंग अखंडता, ईमानदारी, वफादारी और चरित्र के मूल्य भी आत्मसात किए जाते हैं।
जीवन और पेशेवर करिअर में चुनौतियों का सामना करें
कलिता ने छात्रों से कहा कि वे अपने निजी जीवन और पेशेवर करिअर में चुनौतियों का सामना करेंगे, और ज्ञान, कड़ी मेहनत, धैर्य और सफलता के लिए दृढ़ संकल्प उन्हें आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई शॉर्ट-कट नहीं है, यह एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें जोखिम लेने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि संकाय और संस्थान के निदेशक के मार्गदर्शन से भविष्य की इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा।
1997 में कोलकाता में स्थापित किया गया था सेना प्रबंधन संस्थान
पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने कहा कि 1990 के दशक में सेना ने एक संगठन के रूप में मुख्य रूप से सैन्य कर्मियों के बच्चों के लिए पेशेवर संस्थानों की आवश्यकता महसूस की गई थी। जिसके बाद 1997 में सेना प्रबंधन संस्थान, कोलकाता में स्थापित किया गया था। एआईएम में सैन्य परिवारों के 80 प्रतिशत छात्रों और बाकी 20 प्रतिशत अन्य पृष्ठभूमि के छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।