मास्टर डेटा लॉक और सत्यापन से जुड़ी नई समय-सीमा
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम के तहत शिक्षण संस्थानों को 2 जनवरी 2026 तक मास्टर डेटा तैयार करना होगा। विश्वविद्यालयों और एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा फीस एवं छात्र संख्या का सत्यापन 9 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर मास्टर डेटा और फीस का अंतिम सत्यापन 15 जनवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा।
सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया
सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी 14 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ हार्ड कॉपी 21 जनवरी 2026 तक संबंधित शिक्षण संस्थानों में जमा करनी होगी। संस्थान स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया 27 जनवरी तक पूरी की जाएगी।
इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर वास्तविक छात्र सत्यापन 28 जनवरी से 7 फरवरी 2026 के बीच किया जाएगा। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा डेटा की स्क्रूटनी 9 फरवरी 2026 तक पूरी होगी। सभी चरणों के बाद छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 18 मार्च 2026 तक पीएफएमएस के माध्यम से आधार-सीडेड बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग को अतिरिक्त राहत
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आवेदन की समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन वर्गों के छात्रों को अंतिम भुगतान 22 जून 2026 तक कर दिया जाएगा। यह कदम सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में योगी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सभी छात्रों से आग्रह किया है कि वे जारी की गई समय-सारिणी का सख्ती से पालन करें। ऐसा करने से छात्रवृत्ति प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सकेगी और पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल पाएगा।