रजिस्ट्रेशन के समय मोबाइल नंबर और ईमेल देना होगा
ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करना अनिवार्य होगा। काउंसलिंग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं, ओटीपी और अन्य अपडेट इसी मोबाइल नंबर और ईमेल पर भेजे जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
रजिस्ट्रेशन शुल्क कितना देना होगा?
काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को 2,000 रुपये का ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। यह शुल्क नॉन-रिफंडेबल (वापस नहीं किया जाएगा) होगा, इसलिए आवेदन भरने से पहले सभी जानकारी सावधानी से जांच लें।
दस्तावेज सत्यापन के लिए क्या करना होगा?
ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए अपनी सुविधा के अनुसार एक नोडल सेंटर का चयन करना होगा। सत्यापन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना भी जरूरी
रजिस्ट्रेशन के बाद चॉइस फिलिंग करने के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना अनिवार्य होगा। यह राशि उम्मीदवार द्वारा चुने गए कॉलेजों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होगी।
| कॉलेज का प्रकार |
सिक्योरिटी डिपॉजिट |
| सरकारी मेडिकल/डेंटल कॉलेज |
₹30,000 |
| निजी मेडिकल कॉलेज |
₹2,00,000 |
| निजी डेंटल कॉलेज |
₹1,00,000 |
| सरकारी व निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेज (सभी विकल्प) |
₹2,00,000 |
| सरकारी व निजी केवल डेंटल कॉलेज |
₹1,00,000 |
डीएमईआर ने स्पष्ट किया है कि यह राशि ट्यूशन फीस में समायोजित (Adjust) नहीं की जाएगी। काउंसलिंग समाप्त होने के बाद जिन अभ्यर्थियों को सीट नहीं मिलेगी या जिनके मामले में धनराशि वापसी का प्रावधान होगा, उनकी सिक्योरिटी राशि उसी बैंक खाते में लौटाई जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था। इसलिए उम्मीदवारों को अपने स्वयं के बैंक खाते से भुगतान करने की सलाह दी गई है।
पहले राउंड में मिलेगी फ्री एग्जिट की सुविधा
पहले चरण की काउंसलिंग में यदि किसी अभ्यर्थी को सीट आवंटित होती है और वह प्रवेश नहीं लेना चाहता, तो उसे फ्री एग्जिट का विकल्प मिलेगा। ऐसी स्थिति में उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस कर दी जाएगी और वह दूसरे या तीसरे राउंड की काउंसलिंग में दोबारा भाग ले सकेगा।
आरक्षण प्रमाणपत्र को लेकर ये नियम जान लें
आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
- ओबीसी (OBC) और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्र 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी होना चाहिए।
- एससी (SC) और एसटी (ST) वर्ग के अभ्यर्थियों को अद्यतन प्रारूप में जारी प्रमाणपत्र रखने की सलाह दी गई है, ताकि ऑनलाइन सत्यापन में कोई समस्या न हो।
- भारत सरकार के अधीन सेवाओं में नियुक्ति के लिए जारी आरक्षण प्रमाणपत्र इस काउंसलिंग में मान्य नहीं होंगे।
- उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्यों के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इस काउंसलिंग में अनारक्षित श्रेणी माना जाएगा।
चॉइस फिलिंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान
कॉलेज और कोर्स का विकल्प भरते समय उम्मीदवार केवल उन्हीं संस्थानों का चयन करें, जहां वे वास्तव में प्रवेश लेना चाहते हैं।
चॉइस भरने के बाद उसे लॉक करना अनिवार्य होगा। यदि कोई उम्मीदवार तय समय के भीतर चॉइस लॉक नहीं करता है, तो वह स्वतः सीट आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। एक बार चॉइस लॉक होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
सीट मिलने के बाद कहां पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया?
सीट आवंटन के बाद प्रवेश प्रक्रिया कॉलेज के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होगी।
- सरकारी मेडिकल या डेंटल कॉलेज में सीट मिलने पर अभ्यर्थी को सीधे उसी आवंटित कॉलेज में जाकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
- निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज में सीट मिलने पर प्रवेश प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित नोडल सेंटर पर पूरी कराई जाएगी।
क्या है यूपी नीट यूजी काउंसलिंग?
यूपी नीट यूजी काउंसलिंग उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों में स्टेट कोटा की 85 प्रतिशत MBBS और BDS सीटों पर प्रवेश के लिए आयोजित राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया है।
इस काउंसलिंग का संचालन डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (उत्तर प्रदेश) द्वारा किया जाता है। इसके माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेज और माइनॉरिटी संस्थानों की स्टेट कोटा सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। वहीं, शेष 15 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग के जरिए होता है।