सीट छोड़ने और इस्तीफे पर दंड
नियमों के अनुसार, स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट मिलने के बाद दाखिला न लेने वाले छात्रों की सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जाती है और उन्हें अगले वर्ष काउंसलिंग से वंचित कर दिया जाता है। इसी तरह, एमडी या एमएस की सीट लेकर अंतिम राउंड के बाद इस्तीफा देने वाले छात्रों को भी अगले साल आवेदन का अधिकार नहीं मिलता। इस बार कुल 148 उम्मीदवारों में से 59 ने सीट मिलने के बावजूद जॉइन नहीं किया और 89 ने दाखिला लेने के बाद इस्तीफा दिया।
काउंसलिंग शेड्यूल और सिक्योरिटी डिपॉजिट
डीजीएमई जल्द ही यूपी नीट पीजी काउंसलिंग का आधिकारिक शेड्यूल अपनी वेबसाइट upneet.gov.in पर जारी करेगा। पात्र उम्मीदवारों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए 3,000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।
सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि कोर्स और कॉलेज के प्रकार के अनुसार तय की गई है -
- एमडी, एमएस, डिप्लोमा और DNB सीट (सरकारी कॉलेजों में): 30,000 रुपये
- सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर: 2 लाख रुपये
- सरकारी और निजी डेंटल कॉलेजों की सीटों पर: एक लाख रुपये
इस काउंसलिंग के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल संस्थानों में एमडी, एमएस, डिप्लोमा, डीएनबी और एमडीएस कोर्स में दाखिले कराए जाएंगे। डीजीएमई का यह कदम सीटों के बेहतर उपयोग और प्रवेश प्रक्रिया में अनुशासन व पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त पहल माना जा रहा है।