यूपी बोर्ड की हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 का परिणाम जारी हो गया है। रिजल्ट देखने के लिए छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड की वेबसाइट
पर लॉगइन कर सकते हैं। जहां उन्हें इंटर की परीक्षाओं के परिणाम का लिंक मिलेगा। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ज्यादा ट्रैफिक के कारण वेबसाइट कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देती है।
इसलिए छात्र सबसे पहले परिणाम माईरिजल्टप्लस की ऑफिशियल वेबसाइट
https://results.amarujala.com/board/up-board पर देख सकते हैं। कक्षा 10वीं-12वीं छात्रों को इस साल डिजिटल साइन वाली मार्कशीट दी जाएगी। इससे पहले कभी बोर्ड ने डिजिटल साइन वाली मार्कशीट का प्रयोग नहीं किया था।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में 2518324 संस्थागत और 68015 व्यक्तिग यानी कुल परीक्षार्थी 2586336 पंजीकृत हुए थे। जिनमें से 2422978 संस्थागत और 61501 व्यक्तिग यानी कुल 2484479 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिसमें कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी 1854099 हैं।
यूपी बोर्ड हाई स्कूल परीक्षा में 3002290 संस्थागत और 22190 व्यक्तिग यानी कुल परीक्षार्थी 3024480 पंजीकृत हुए थे। जिनमें से 2753185 संस्थागत और 19471 व्यक्तिग यानी कुल 2772656 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिसमें कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी 2309802 हैं।
हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में लड़कियों ने बाजी मारी है। इंटरमीडिएट 2020 की परीक्षा में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 68.88 और बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.96 है। इंटरमीडिएट में संपूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 13.08 % अधिक है।
हाई स्कूल में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 79.88 और बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.29 है। हाई स्कूल के संपूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 7.41 % अधिक है। और बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.29 % रहा।
अभिभावक इन बातों का रखें खास ध्यान
- अभिभावक घर का माहौल खुशनुमा बनाएं रखें, झगड़े का बिल्कुल भी अहसास न होने दें।
- अपनो बच्चों की आलोचना करने से बचें, अन्य बच्चे से तुलना न करें।
- शिक्षक बच्चों को डांटे नहीं, उनका मनोबल बढ़ाते रहें।
- अभिभावक सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को माहौल देने की कोशिश करें।
- अभिभावक बच्चों को इस बात का एहसास दिलाएं कि उनके लिए बच्चों से कीमती चीज और कुछ भी नहीं है।
- रिजल्ट को लेकर कोसने के बजाए अभिभावक बच्चों को आगे बेहतर करने की सलाह दें।
- अभिभावक ज्यादा से ज्यादा समय बच्चों के साथ ही बिताएं। उन्हें अकेला बिल्कुल भी न छोड़ें।