UP Board Exam 2020: कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश लॉकडाउन है। जिसका असर शैक्षणिक कार्यों पर भी पड़ा है, कई राज्यों के बोर्ड को अपनी वर्षिक परीक्षाओं को रोकना पड़ा, तो जिन राज्यों में परीक्षा हो गई थी उन्हेें कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य को स्थगित करना पड़ा। यूपी बोर्ड ने भी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को सम्पन्न करा लिया था। वहीं कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य भी 16 मार्च, 2020 शुरू हो गया था जिसे लॉकडाउन के कारण रोकना पड़ा।
यूपी बोर्ड के परीक्षार्थी इस समय अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसी विषय पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने एक न्यूज चैनल के माध्यम से बताया कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसलिए मूल्यांकन 19 मार्च को ही बंद कर दिया गया था। जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा वैसे ही इसके मूल्यांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। हमारी कोशिश है कि परीक्षा के परिणाम जून के पहले हफ्ते में जारी हो जाएं।
हाल ही में परीक्षा परिणाम से जुड़ी एक अफवाह भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। जिसमें लिखा था कि कोविड 19 के चलते उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा में कठिनाई के कारण बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण करने का निर्णय लिया है।
पत्र में यह भी कहा गया था कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। इस संबंध में सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से कहा गया कि यह खबर पूरी तरह से आधारहीन है। लॉकडाउन खत्म होते ही मूल्यांकन की तिथि पर फैसला लिया जाएगा।
इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए लगभग 56 लाख ने (जिसमें 30 लाख से ज्यादा 10वीं और 25 से ज्यादा 12वीं के छात्र-छात्राएं) पंजीकृत किया था। 10वीं कक्षा के 21 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने निजी श्रेणी के तहत पंजीकरण किया है, जबकि 12वीं के लिए 70 हजार से ज्यादा ने निजी श्रेणी के तहत पंजीकरण कराया है। इस वर्ष करीब 4 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी।
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