उत्तर प्रदेश कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं (UP Board Class 10 and 12 Exam 2020) फरवरी से शुरू हो रही हैं। एक ओर राज्य शिक्षा विभाग परीक्षा के आयोजन की तैयारियों में जुटा है और दूसरी ओर विद्यार्थी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारियों में। इस बार उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में नकल और किसी तरह की गड़बड़ियां रोकने को लेकर प्रशासन भी बेहद सख्त है। लगातार दिशानिर्देश जारी किए जा रहे हैं। इस संबंध में अब एक और जरूरी निर्देश आया है।
हर विद्यार्थी के लिए इस निर्देश को ध्यान में रखना जरूरी है, वरना आपका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। दरअसल अक्सर देखा जाता है कि बोर्ड परीक्षाओं में कुछ परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका के मुख्य पृष्ठ के अलावा अंदर के पन्नों पर भी अपना नाम या अनुक्रमांक या स्कूल का नाम जैसी चीजें लिख देते हैं। लेकिन अब ऐसा करने वाले छात्र-छात्राएं बोर्ड के रडार पर होंगे। ऐसे विद्यार्थियों पर नजर रखी जाएगी।
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बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्किताओं के मूल्यांकन में लगाए जाने वाले परीक्षकों को भी इस संबंध में निर्देश दिए जाएंगे कि यदि उन्हें ऐसी उत्तर पुस्तिका मिले, तो उसे अलग कर कार्रवाई के लिए बोर्ड को भेज दिया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक, स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को यह भी अवगत कराया जाए कि यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में किसी भी प्रकार से अपनी पहचान जाहिर न करें।
जो विद्यार्थी ये गलती करेंगे, उनके बारे में बोर्ड को जानकारी दे दी जाएगी। इसके बाद बोर्ड अधिनियम के तहत इन पर कार्रवाई करेगा।
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इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन बेहद गोपनीय कार्य होता है। परीक्षकों को भी यह मालूम नहीं होता कि वह किसकी उत्तर पुस्तिका जांच रहे हैं। ऐसे में कोई विद्यार्थी इस गोपनीयता को भंग करता है तो वह दोषी माना जाएगा। बोर्ड को कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया जाएगा।