ग्रेस मार्क्स देने के नियम
यूपी बोर्ड (UP Board) परीक्षा में कुछ खास परिस्थितियों में छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह होता है कि अगर कोई छात्र बहुत थोड़े अंकों से फेल हो रहा है, तो उसे पास होने का एक और मौका मिल सके। यह नियम बोर्ड की नीति के अनुसार लागू किया जाता है और सभी छात्रों पर समान रूप से विचार करके ही निर्णय लिया जाता है।
अगर कोई छात्र किसी एक विषय में पास होने से कुछ ही अंक पीछे रह जाता है, तो बोर्ड उसे सीमित ग्रेस मार्क्स देकर पास कर सकता है। यह आमतौर पर तब लागू होता है जब छात्र के कुल परिणाम पर इसका ज्यादा प्रभाव न पड़े और वह न्यूनतम पासिंग क्राइटेरिया के करीब हो। हालांकि, ग्रेस मार्क्स देना पूरी तरह बोर्ड के विवेक पर निर्भर करता है और इसे हर छात्र को नहीं दिया जाता।