किसी भी होटल को पहली पसंद तब बनाया जा सकता है जब वहां के माहौल, सुविधाएं और सुरक्षा, होटल की लग्जरी के अलावा जायकेदार, देसी-विदेशी व्यंजनों की उपलब्धता और स्पेशल डिशेज थोड़ी हटकर और अच्छी हों। अब होटल की बात हो ही रही है तो आहार कैसे पीछे रह सकता है। अगर आहार की बात की जाए तो इस मामले में मुख्य भूमिका निभाते हैं शेफ। यहां हम आपको शैफ के रूप में करियर बनाने के फायदे बता रहे हैं।
शैफ बनने के लिए होनी चाहिए केवल ये योग्यता-
ऐसे संस्थान भी हैं, जो इस कला को सिखाने में मदद करते हैं। उनमें दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी को 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 10वीं पास अभ्यर्थी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स और 12वीं पास अभ्यर्थी डिग्री कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा, उनमें पाक कला के प्रति रुझान होना चाहिए। उन्हें खाद्य पदार्थों की तासीर का पता होना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी सहेजा जा सके।
शैफ का काम-
- आपको बता दें कि शेफ का काम किसी भी होटल, रेस्तरां, फास्ट फूड चेन या फूड स्टॉल पर खाना बनाना होता है।
- जब चीफ शेफ की भूमिका मिल जाती है, तो मेन्यू प्लान करना, सामान मंगाना, तैयारी का सुपरविजन करना, किचन के स्टाफ को निर्देश देना उसकी जिम्मेदारियों में शामिल हो जाता है।
- शेफ के रूप में अच्छी क्वालिटी का स्वादिष्ट खाना तैयार करना उसके काम के अंतर्गत आता है क्योंकि उसी के आधार पर ग्राहक आते हैं और बिजनेस चलता है।
- शेफ को अलग-अलग किस्म के व्यंजनों और उन्हें तैयार करने की विधि का पता होना चाहिए।
जाने-माने शैफ-
आज कई ऐसे नाम हैं, जो मास्टर शेफ कहलाते हैं और उनका नाम ही यह बताने के लिए काफी है कि जो बना होगा, वह लजीज ही होगा। जिग्स कालरा, संजीव कपूर, राकेश सेठी, मधुर जाफरी जैसे नाम इस क्षेत्र में बड़े सम्मानित हैं।
इन जगहों में मिलेगी नौकरी-
फूड क्राफ्ट, फूड प्रोडक्शन, फूड एंड बेवरेजेज सर्विस, कंफेक्शनरी आदि में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट है तो आप अच्छे मौके पा सकते हैं। होटल या रेस्तरां, एयर केटरिंग, रेलवे केटरिंग, आर्मी केटरिंग, फूड प्रोसेसिंग कंपनी, कंफेक्शनरीज, थीम रेस्तरां, मॉल, बेस किचन, अस्पताल, क्रूज लाइनर, कॉरपोरेट केटरिंग आदि में ऐसे प्रोफेशनल अवसर पाते हैं। इनके अलावा खान-पान पर लेखन किया जा सकता है, किताबें लिखी जा सकती हैं। अनुभव हो जाने पर अपना रेस्तरां खोला जा सकता है।