भारत की सिविल सर्विस व राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं में भी राजनीति विज्ञान को एक विषय के रूप में चुना जा सकता है। यह विषय स्टूडेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय कहा है व विगत कई वर्षों से राजनीति विज्ञान विषय को लेकर तमाम छात्र सफलता प्राप्त करते रहे हैं। इसकी लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि यह स्कोरिंग होने के साथ-साथ इसके सिलेबस को कम समय में पूरा भी किया जा सकता है।
विश्व के साथ-साथ भारत में भी अनेक ऐसे विश्वविद्यालय हैं, जहां राजनीति विज्ञान का उच्च अध्ययन स्नातक, स्नाकोत्तर व रिसर्च आदि उच्च स्तरों पर किया जाता है। मास्टर लेवल पर राजनीतिक विज्ञान में राज्य, सरकार व राजनीति के अध्ययन के साथ-साथ राष्ट्रीय व अंतराराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सिद्धांत, राजनीति का इतिहास, तुलनात्मक राजनीति मेथेडोलॉजी का अध्ययन किया जाता है। इस ज्ञान के माध्यम से किसी समाज के राजनीति क्रियाकलापों का अध्ययन भी किया जा सकता है। सरकार और पब्लिक अफेयर के बीच रहकर भी अच्छा कार्य किया जा सकता है।
मीडिया में भी पत्रकार, संपादक आदि महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया जा सकता है। राजनीति विज्ञान के छात्र सरकार की कार्यप्रणाली को अच्छे से समझ सकते हैं। सरकारी नीतियों का किस तरह से प्रभाव पडता है व कानून किस तरह से सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है, राजनीति विज्ञान के छात्र इसको बखूबी समझते हैं। वर्तमान समय में तो सरकारी विभागों में जनसम्पर्क अधिकारियों की भी मांग बढ़ रही है। यही कारण है कि करियर के लिहाज से राजनीति विज्ञान महत्वपूर्ण विषय के रूप में उभर रहा है।