इविवि में पीएचडी और एमफिल के छात्रों का वाइवा ऑनलाइन लिए जाने की तैयारी चल रही है। सोमवार को होने वाली परीक्षा समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही परीक्षाओं और सत्र संचालन को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे।
कई विश्वविद्यालय में पीएचडी और एमफिल के छात्र-छात्राओं का वाइवा ऑनलाइन कराया जाता है। ऐसे में समय की बचत होती है और इस बात की आशंका भी कम होती है कि अगर परीक्षक नहीं आए तो वाइवा टालना पड़ सकता है। लॉकडाउन के दौर में इविवि प्रशासन अब इस प्रक्रिया को अपनाना चाहता है। देशभर में रेल और बस संचालन ठप है। ऐसे में पीएचडी और एमफिल छात्रों का वाइवा अभी करा पाना मुमकिन नहीं है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन ऑनलाइन वाइवा कराने की तैयारी में है।
सोमवार को इविवि की परीक्षा समिति की बैठक है, जिसमें यह प्रस्ताव रखा जाएगा, कि जो विभाग ऑनलाइन वाइवा कराना चाहते हैं, वे इसकी शुरूआत कर सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा समिति की बैठक में यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। कोविड-19 के मद्देनजर प्रदेश में 30 जून तक सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक है।
ऐसे में कहीं भी भीड़ इकट्ठा नहीं की जा सकती है, इसलिए परीक्षाएं भी नहीं कराई जा सकेंगी। यूजीसी कमेटी की गाइडलाइन में भी स्पष्ट कर दिया गया है, कि पुराने छात्रों के लिए अगस्त और नए छात्रों के लिए सितंबर से सत्र का संचालन शुरू होगा।