मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने शुक्रवार को 'भारत पढ़े ऑनलाइन' मुहिम की शुरुआत की। उन्होंने सभी से ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को और अधिक प्रभावशाली और रचनात्मक बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं। शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर ऑनलाइन शिक्षा पद्धति से जुड़े सुझाव देने को कहा है। इससे यह तो साफ है कि सरकार लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को बढ़ावा दे रही है, लेकिन लॉकडाउन के बाद स्कूल-कॉलेज खुलने को लेकर संशय भी पैदा हो रहा है।
शिक्षा मंत्री ने हफ्ते भर के भीतर सभी से ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव देने को कहा है। यह सुझाव खासकर उन लोगों से मांगे गए हैं, जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े हुए हैं। शिक्षा मंत्री ने ऑनलाइन शिक्षा दे रहे संस्थानों, विशेषज्ञों और छात्रों से अनिवार्य रूप से सुझाव मांगे हैं।
सरकार पहले से ही ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दे रही है, और लॉकडाउन के दौरान सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा के जरिए ही विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। एचआरडी मंत्रालय ने इसके लिए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किए हैं, जिन पर विद्यार्थियों की एक्सेस काफी देखी जा रही है। मंत्रालय के आंकड़ों का भी कहना है कि ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर लॉकडाउन के दौरान एक्सेस चार गुना बढ़ा है।
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मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा को तेजी से बढ़ावा देने का यह फैसला कोरोना वायरस से पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए किया गया है। यह भी माना जा रहा है कि जब तक कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा पूरी तरह से नहीं टल जाता तब तक स्कूल और कॉलेजों को खोलना मुश्किल है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षण ही विद्यार्थियों की पढ़ाई का एकमात्र जरिया है।