Union Health Minister Dr. Mansukh Mandaviya
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मेडिकल क्षेत्र में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बायोमेडिकल नवाचार और आंत्रप्रेन्योरशिप के आधार पर आईसीएमआर/डीएचआर नीति/ पॉलिसी की शुरूआत की है। इस बात की सूचना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को दी है। इस पॉलिसी का मकसद देशभर के चिकित्सा संस्थानों में नवाचार पर आधारित इकोसिस्टम का विकास करना होगा। वहीं, सरकार के इस कदम से पहले से चली आ रही मेक-इन इंडिया, स्टार्ट-अप-इंडिया और आत्मानिर्भर भारत योजना को भी काफी लाभ मिलने की संभावना है।
इस नीति को लांच करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा कि अब वह समय आ गया है कि भारत भी अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी शक्ति का प्रदर्शन करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बनने के लिए कई बड़े कदम लिए हैं। आज जारी की जा रही आईसीएमआर/डीएचआर नीति भी इसी पहल में एक नया कदम है। इससे चिकित्सा के क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा।
इस पॉलिसी के माध्यम से मेडिकल, डेंटल, पारा मेडिकल संस्थानों और कॉलेजों में चिकित्सा विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों को स्टार्टअप आदि करने में मदद मिलेगी।