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Budget 2026: उच्च शिक्षा को 55.7 हजार करोड़ आवंटित; UGC के बजट में 7% का इजाफा, AICTE को इतने करोड़ अधिक मिले

Sun, 01 Feb 2026 05:00 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा के लिए 55,727.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 11% अधिक है। कुछ योजनाओं में कटौती के बाद बढ़ोतरी हुई है। आईआईटी, यूजीसी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बजट में इजाफा हुआ है।
 
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Higher Education Budget 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Higher Education Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में उच्च शिक्षा विभाग के लिए कुल 55,727.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। 2025-26 का संशोधित बजट 51,381.67 करोड़ रुपये था। पूरे शिक्षा क्षेत्र के लिए 2026-27 में कुल बजट 1,39,289.48 करोड़ रुपये रखा गया है। यह 2025-26 के 1,28,650.05 करोड़ रुपये के बजट से लगभग 8.2 प्रतिशत ज्यादा है।

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लेकिन बजट दस्तावेजों से यह भी साफ होता है कि चालू वर्ष में कई योजनाओं के बजट में बड़ी कटौती की गई थी, जिसके बाद अब कुछ योजनाओं में बढ़ोतरी दिखाई गई है।


 

भारत में उच्च शिक्षा का बजट कितना है?

वित्तीय वर्ष शिक्षा मंत्रालय का कुल बजट उच्च शिक्षा बजट (करोड़ रुपये)
2022-23 1,04,277.72 40,828.35
2023-24 1,12,899.47 44,094.62
2024-25 1,20,627.87 47,619.77
2025-26 1,28,650.05 50,077.95
2026-27 1,39,289.48 55,727.22



यह भी पढ़ें: स्कूल शिक्षा विभाग को मिले 83,562 करोड़; 6.35% की हुई बढ़ोतरी
 

कटौती के बाद पीएम ऊषा योजना का बजट बढ़ा

सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों को मदद देने वाली प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा योजना (पीएम-यूएसएचए) के लिए अगले वर्ष बजट अनुमान बढ़ाकर 1,850 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि, यह बढ़ोतरी इसलिए दिख रही है क्योंकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में इस योजना के बजट में भारी कटौती की गई थी। उस समय इसका आवंटन 1,815 करोड़ रुपये से घटाकर केवल 800 करोड़ रुपये कर दिया गया था, यानी आधे से भी कम।

पीएमआरएफ योजना का बजट फिर से 600 करोड़ हुआ

इसी तरह प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप (पीएमआरएफ) योजना के बजट को भी संशोधित कर 290 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि इसका मूल परिव्यय 600 करोड़ रुपये था। यानी इसमें भी आधे से ज्यादा की कटौती हुई। हालांकि 2026-27 के लिए इसका बजट फिर से 600 करोड़ रुपये ही रखा गया है।

इसी तरह विश्व स्तरीय संस्थान योजना के बजट में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 2025-26 में इसका आवंटन 475.12 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 900 करोड़ रुपये कर दिया गया है। हालांकि संशोधित अनुमान भी 900 करोड़ रुपये का ही था।

उच्च शिक्षा से जुड़े नियामकों का बजट बढ़ा

हालांकि सरकार अब इन संस्थानों को विकसित भारत शिक्षा संस्थान (वीबीएसए) से बदलने की तैयारी कर रही है, फिर भी उच्च शिक्षा से जुड़े नियामक संस्थानों विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए बढ़ोतरी की गई है।

उच्चा शिक्षा के प्रमुख संस्थानों का आवंटन (करोड़ रुपये में)

 
संस्था 2021-22 2022-23 2023-24 2024-25 2025-26 2026-27
यूजीसी 4,693.20 4,900.91 5,360.00 2,500 3,335.97 3,709
आईआईटी 7,536.08 8,195 9,361.50 10,324.50 11,349.50 12,123
आईआईएम 476 653.92 300.00 212.12 251.89 292
आईआईएसईआर 946 1,397.53 1,462.00 1,540 1,353.33 1,319
आईआईएससी 621.65 727.25* 815.40 918.27 900 845
एनआईटी/आईआईईएसटी 3,935.00 4,444 4,820.60 5,040 5,687.47 6,260
केंद्रीय विश्वविद्यालय 7,643.26 9,420.00 11,528.90 15,928 16,691.31 17,440

UGC के बजट में हुई इतनी वृद्धि

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के लिए संशोधित बजट 3,470 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 3,709 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 2024-25 में भारी कटौती के बाद यूजीसी का बजट 2,500 करोड़ रुपये तक गिर गया था। हालांकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन पहले यह बजट काफी अधिक हुआ करता था। उदाहरण के तौर पर 2023-24 में यूजीसी का बजट सबसे ज्यादा 5,360 करोड़ रुपये था।
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AICTE का बजट भी बढ़ा

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) का बजट भी बढ़ाकर 230 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 2025-26 में इसका बजट 200 करोड़ रुपये था, जबकि संशोधित अनुमान 220 करोड़ रुपये का था।

हालांकि, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के बजट में कटौती देखी गई है।
 
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