आयोग के सचिव रजनीश जैन ने कहा कि यह प्राप्त विभिन्न सूचनाओं के माध्यम से आयोग के संज्ञान में आया है कि पेरियार विश्वविद्यालय, तमिलनाडु, पूर्णकालिक निदेशक के बिना काम कर रहा है। यहां पर्याप्त पूर्णकालिक फैकल्टी, पर्याप्त गैर-शैक्षणिक कर्मचारी भी नहीं है। यह विश्वविद्यालय यूजीसी अधिनियम और समय-समय पर इसके संशोधनों के तहत निर्धारित शर्तों के घोर उल्लंघन में यूजीसी की पूर्व स्वीकृति के बिना केंद्र और ओडीएल कार्यक्रम चलाता है।
यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि शिकायत निवारण समिति (सीआरसी) की सिफारिशों के अनुसार, आयोग ने फैसला किया है कि 2022-23 और 2023-24 के लिए उच्च शिक्षा संस्थान के किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों और उल्लंघनों की सूचनाओं को मामले में तथ्यान्वेषी और आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्यपाल और सचिव, राज्य सरकार, को भेजा जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित ओडीएल कार्यक्रमों के खिलाफ छात्रों को चेतावनी देते हुए जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में प्रवेश लेने से यूजीसी द्वारा कार्यक्रमों की मान्यता के अभाव में छात्रों के करिअर को खतरा हो सकता है।