क्रेडिट सिस्टम को लेकर स्पष्ट नियम
यूजीसी ने क्रेडिट सिस्टम के बारे में भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। अध्ययन किए गए प्रत्येक विषय के लिए क्रेडिट दिए जाएंगे। इन क्रेडिट को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) नामक डिजिटल सिस्टम में संग्रहीत किया जाएगा। छात्र भारत में विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अपने क्रेडिट एकत्र, स्थानांतरित या उपयोग कर सकते हैं।
छात्र एक ही समय में दो यूजी या पीजी कार्यक्रमों का अध्ययन कर सकते हैं, यहां तक कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों से या अलग-अलग प्रारूपों (ऑफलाइन, ऑनलाइन या दूरस्थ) में भी।
इसके अलावा, कौशल-आधारित शिक्षा को नियमित अध्ययन के साथ एकीकृत किया गया है। छात्रों को अपने मुख्य विषय में कम से कम 50% क्रेडिट अर्जित करने होंगे, जबकि बाकी क्रेडिट व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, इंटर्नशिप या बहु-विषयक विषयों से आ सकते हैं।
नए नियमों में छात्रों को वर्ष में दो बार जुलाई/अगस्त और जनवरी/फरवरी में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इससे विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा शुरू करने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।
नियमों का पालन नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों पर हो सकती है कार्रवाई
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को शिक्षा को अधिक लचीला, व्यावहारिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए इन नियमों का पालन करने की सलाह दी है। अगर विश्वविद्यालय इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो यूजीसी उन पर कार्रवाई कर सकता है, जिसमें उन्हें कुछ डिग्री देने से रोकना भी शामिल है।