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UGC: यूजीसी ने पेश किए यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में लिए नए नियम, नहीं किया पालन तो हो सकती है कार्रवाई!

Sat, 26 Apr 2025 05:52 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UGC: यूजीसी ने स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए नए नियम साझा किए हैं। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को इन नियमों का पालन करने की सलाह दी है। नियमों का पालन नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई की जा सकती है।
 
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UGC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 2025 से शुरू होने वाले स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए नए नियम साझा किए हैं। इन नियमों में कई बदलावों के बारे में सूचित किया गया है। ये बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 पर आधारित हैं, जिसका उद्देश्य शिक्षण को लचीला और छात्रों के अनुकूल बनाना है।

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सबसे बड़े परिवर्तनों में से एक यह है कि छात्र एक, दो, तीन या चार साल बाद कोर्स छोड़ सकते हैं और फिर भी वे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त कर सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होंने कितने क्रेडिट पूरे किए हैं। छात्र बाद में भी अपनी पढ़ाई वहीं से जारी रखने के लिए वापस आ सकते हैं, जहां से उन्होंने पढ़ाई छोड़ी थी। उदाहरण के लिए:

  • एक वर्ष (40 क्रेडिट) के बाद छात्रों को प्रमाण पत्र मिलेगा।
  • दो वर्ष (80 क्रेडिट) के बाद छात्रों को डिप्लोमा मिलेगा।
  • तीन वर्ष (120 क्रेडिट) के बाद उन्हें सामान्य डिग्री मिलेगी।
  • 4 वर्ष (160 क्रेडिट) के बाद उन्हें ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री मिलेगी।

क्रेडिट सिस्टम को लेकर स्पष्ट नियम

यूजीसी ने क्रेडिट सिस्टम के बारे में भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। अध्ययन किए गए प्रत्येक विषय के लिए क्रेडिट दिए जाएंगे। इन क्रेडिट को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) नामक डिजिटल सिस्टम में संग्रहीत किया जाएगा। छात्र भारत में विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अपने क्रेडिट एकत्र, स्थानांतरित या उपयोग कर सकते हैं।

छात्र एक ही समय में दो यूजी या पीजी कार्यक्रमों का अध्ययन कर सकते हैं, यहां तक कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों से या अलग-अलग प्रारूपों (ऑफलाइन, ऑनलाइन या दूरस्थ) में भी।



इसके अलावा, कौशल-आधारित शिक्षा को नियमित अध्ययन के साथ एकीकृत किया गया है। छात्रों को अपने मुख्य विषय में कम से कम 50% क्रेडिट अर्जित करने होंगे, जबकि बाकी क्रेडिट व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, इंटर्नशिप या बहु-विषयक विषयों से आ सकते हैं।

नए नियमों में छात्रों को वर्ष में दो बार जुलाई/अगस्त और जनवरी/फरवरी में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इससे विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा शुरू करने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।
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नियमों का पालन नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों पर हो सकती है कार्रवाई

यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को शिक्षा को अधिक लचीला, व्यावहारिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए इन नियमों का पालन करने की सलाह दी है। अगर विश्वविद्यालय इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो यूजीसी उन पर कार्रवाई कर सकता है, जिसमें उन्हें कुछ डिग्री देने से रोकना भी शामिल है।
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