हिंदी में नेट निकालने के लिए आपको ऐसे करनी है तैयारी?
दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में तदर्थ प्राध्यापक डॉक्टर प्रकाश उप्रेती का कहना है कि हिंदी विषय में नेट की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले अपने विषय को गद्य और पद्य दो भागों में बांट लेना चाहिए। गद्य और पद्य दोनों विधाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग मेहनत करनी चाहिए। नेट की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को रामचंद्र शुक्ल का हिंदी साहित्य का इतिहास किताब जरूर पढ़नी चाहिए, क्योंकि हिंदी के लेखकों की तिथि से संबंधित सारे संदेहों के निराकरण के लिए यह किताब सबसे प्रमाणिक और उपयुक्त है।
गद्य साहित्य के इतिहास को समझने के लिए विद्यार्थियों को रामचंद्र तिवारी की हिंदी गद्य साहित्य का इतिहास किताब की मदद लेनी चाहिए। यह किताब गद्य में सारी विद्याओं जैसे कि उपन्यास, कहानी, नाटक, रिपोर्टाज, आत्मकथा, रेखाचित्र, संस्मरण और निबंध के बारे में जानकारी देगी। इस किताब के जरिए अभ्यर्थी आधुनिक काल से लेकर नवीनत (अध्यतन) काल तक सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं। हिंदी में नेट देने वाले विद्यार्थियों को सबसे पहले इन दोनों ही किताबों से जरूर गुजरना चाहिए।
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डॉक्टर प्रकाश उप्रेती कहते हैं कि अगर आप इन किताबों को नियमित पढ़ेंगे तो हिंदी में आपका नेट-जेआरएफ जरूर निकलेगा। इन किताबों से आपको सिर्फ ऑब्जेक्टिव ही नहीं विषय की गहराई का ज्ञान मिलेगा। ऑब्जेक्टिव के लिए आप बाजार में मिलने वाली बहुत-सी किताबों को खरीद सकते हैं। बाजार में अलग-अलग लेखकों में से आप किसी की भी वस्तुनिष्ठ किताब पढ़ सकते हैं। भारतीय काव्यशास्त्र के लिए आप डॉक्टर तारकनाथ बाली और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के लिए डॉक्टर भगीरथ मिश्र की पुस्तक अहम है। भाषा विज्ञान के लिए विद्यार्थी डॉक्टर भोलनाथ तिवारी को पढ़ सकते हैं।