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Eklavya Residential School: त्रिपुरा के सभी 58 ब्लॉकों में खुलेंगे एकलव्य स्कूल, सीएम माणिक साहा ने दिए संकेत

Thu, 01 Jan 2026 06:47 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Eklavya School: त्रिपुरा सरकार राज्य के सभी 58 ब्लॉकों में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल खोलने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि इससे दूरदराज इलाकों में रहने वाले जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
 
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माणिक साहा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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Eklavya Residential Schools: त्रिपुरा में जनजातीय छात्रों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि सरकार राज्य के सभी 58 ब्लॉकों में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) स्थापित करने पर विचार कर रही है, ताकि दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

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एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल योजना केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है।

2018 से पहले सिर्फ 4 एकलव्य स्कूल थे

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि वर्ष 2018 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने से पहले त्रिपुरा में केवल चार एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 21 ईएमआरएस को मंजूरी दी। वर्तमान में इनमें से 12 स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि दो और स्कूल मार्च 2026 तक शुरू हो जाएंगे।

सभी ब्लॉकों में स्कूल खोलने की मंशा

सीएम साहा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर ब्लॉक में एकलव्य स्कूल खोले जाएं, जिससे जनजातीय छात्रों को अपने क्षेत्र में ही आवासीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से ईएमआरएस स्थापना से जुड़े दिशा-निर्देशों में ढील देने की मांग की है।
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गाइडलाइंस में ढील की मांग

मौजूदा नियमों के तहत किसी ब्लॉक में ईएमआरएस खोलने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत जनजातीय आबादी और न्यूनतम 20 हजार जनजातीय जनसंख्या होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इन शर्तों में ढील देने की जोरदार मांग की है, ताकि राज्य के ज्यादा से ज्यादा इलाकों में एकलव्य स्कूल खोले जा सकें। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस पर सकारात्मक फैसला लेगी।
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