2018 से पहले सिर्फ 4 एकलव्य स्कूल थे
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि वर्ष 2018 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने से पहले त्रिपुरा में केवल चार एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 21 ईएमआरएस को मंजूरी दी। वर्तमान में इनमें से 12 स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि दो और स्कूल मार्च 2026 तक शुरू हो जाएंगे।
सभी ब्लॉकों में स्कूल खोलने की मंशा
सीएम साहा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि हर ब्लॉक में एकलव्य स्कूल खोले जाएं, जिससे जनजातीय छात्रों को अपने क्षेत्र में ही आवासीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से ईएमआरएस स्थापना से जुड़े दिशा-निर्देशों में ढील देने की मांग की है।
गाइडलाइंस में ढील की मांग
मौजूदा नियमों के तहत किसी ब्लॉक में ईएमआरएस खोलने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत जनजातीय आबादी और न्यूनतम 20 हजार जनजातीय जनसंख्या होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इन शर्तों में ढील देने की जोरदार मांग की है, ताकि राज्य के ज्यादा से ज्यादा इलाकों में एकलव्य स्कूल खोले जा सकें। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस पर सकारात्मक फैसला लेगी।